ट्रेन का संचालन रेलवे भले ही बीकानेर तक हो लेकिन सप्ताह में तीन दिन वाया झूंझनू होकर जाने की वजह से प्रयागराज से बीकानेर की दूरी 138 किमी ज्यादा हो जाएगी। इस दौरान प्रयागराज, कानपुर, इटावा, आगरा से जिन यात्रियों को बीकानेर का सफर करना है, उन्हें ट्रेन में सफर करने के लिए ज्यादा किराया चुकाना होगा।
एक अक्तूबर से रेलवे की नई समय सारिणी जारी होने जा रही है। समय सारिणी लागू होने के साथ ही प्रयागराज- जयपुर एक्सप्रेस का विस्तार बीकानेर तक हो जाएगा। इसके अलावा तकरीबन दो दर्जन ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान के समय में पांच से 20 मिनट का अंतर भी होने जा रहा है। प्रयागराज से जयपुर के लिए चल रही सुपरफास्ट ट्रेन शनिवार एक अक्तूबर से बीकानेर तक जाएगी।
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ट्रेन का संचालन रेलवे भले ही बीकानेर तक हो लेकिन सप्ताह में तीन दिन वाया झूंझनू होकर जाने की वजह से प्रयागराज से बीकानेर की दूरी 138 किमी ज्यादा हो जाएगी। इस दौरान प्रयागराज, कानपुर, इटावा, आगरा से जिन यात्रियों को बीकानेर का सफर करना है, उन्हें ट्रेन में सफर करने के लिए ज्यादा किराया चुकाना होगा। प्रयागराज की ही बात करें तो यहां से बीकानेर के लिए यात्रियों को अलग-अलग श्रेणी में 35 रुपये से 230 रुपये अतिरिक्त किराया भी चुकाना होगा। साथ ही सफर का समय भी 3.30 घंटे ज्यादा हो जाएगा। बाकी चार दिन ट्रेन सीकर, फतेहपुर शेखावटी, चुरू, रतनगढ़ के रास्ते चलेगी।
उधर प्रयागराज से दिल्ली-हावड़ा रूट और मुंबई रूट की तकरीबन दो दर्जन ट्रेनों का समय भी एक अक्तूबर से लागू होने वाली समय सारिणी में बदल रहा है। यह लागू कब से होगा उसपर उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में मंथन चल रहा है, लेकिन समय सारिणी में इसे दर्शा जरूर दिया जाएगा। इस बारे में सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा का कहना है कि एक अक्तूबर से नई समय सारिणी प्रभावी होनी है। क्या फेरबदल होना है उस पर मंथन चल रहा है।