उत्तर मध्य रेलवे में भिंड-इटावा और इटावा-आगरा के बीच निर्माणाधीन नई रेल लाइनें इसी वित्त वर्ष में चालू करने की तैयारी है।
बचे हुए 25 फीसदी कार्यों को तय वक्त में पूरा कराने के लिए बृहस्पतिवार को महाप्रबंधक आलोक जौहरी ने दोनों नई लाइनों का निरीक्षण किया।
वह जोन के अफसरों को लेकर उडी-भंडई रेलखंड में बाह, फतेहाबाद, शमशाबाद और भिंड के नए स्टेशनों, यमुना और चंबल पर निर्माणाधीन तीन पुलों का मुआयना किया।
दावा किया कि भिंड-इटावा रेलमार्ग चालू होने पर ग्वालियर-इटावा की दूरी 240 किमी से घटकर 120 किमी रह जाएगी। इटावा-आगरा रेलमार्ग टूंडला-आगरा रेलखंडों पर जाम की स्थिति खत्म करेगा।
दोनों रेलमार्गों पर कार्य की सुस्त गति का मामला सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव लोकसभा में उठा चुके हैं। इसके बाद से कार्य में तेजी आई है।
उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन दोनों रेलमार्गों का कार्य चालू वित्त वर्ष पूरा करने की तैयारी है। दावा किया जा रहा है कि सीआरएस की हरी झंडी मिल गई तो सालभर में दोनों रेलमार्गों को चालू कर दिया जाएगा।
इन मार्गों के चालू होने पर इटावा स्टेशन का स्वरूप भी बदलेगा। इटावा से दो नई लाइनें निकल रही हैं। एक लाइन इटावा से उडी और दूसरी इटावा से मैनपुरी के लिए निकल रही है।
उडी स्टेशन को जंक्शन बनाया जा रहा है। इस स्टेशन से एक लाइन भिंड और दूसरी बाह होते हुए आगरा जाएगी। इससे इटावा सीधे गुना होते हुए इंदौर से जुड़ जाएगा।
निरीक्षण में सीएओ निर्माण वीके गोविल, पीसीई सतीश कुमार, आगरा और झांसी के डीआरएम, सीपीआरओ संदीप माथुर, सीपीआरआई मनीष सिंह आदि भी मौजूद रहे।