प्रयागराज और उसके आसपास के स्टेशनों पर हुई सख्ती के बाद अब मुंबई के टिकट दलाल सक्रिय हो गए हैं। स्थानीय दलाल वहां के दलालों से संपर्क कर बाकायदा नाम और पते से मुंबई के विभिन्न स्टेशनों से टिकट बुक करवा कर उसे ईमेल के माध्यम से यहां भेज दे रहे हैं। टिकट आने के बाद स्थानीय दलाल उन टिकटों का प्रिंट निकालकर यात्रियों को उसे मुहैया करवा देते हैं। बीते दिनों इस तरह के कुछ मामले सामने आए हैं।
दरअसल, बीते दो माह के दौरान उत्तर मध्य रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे की आरपीएफ द्वारा ऐसे कुछ टिकट दलाल पकड़े पकड़े जा चुके हैं। एनसीआर प्रशासन की बात करें तो इस वित्तीय वर्ष में अब तक 178 अवैध टिकट दलाल पकड़े जा चुके हैं। इस दौरान कुछ प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर से टिकट बनाने वाले एक गिरोह का भी पर्दाफाश किया गया। इतना सब होने के बाद आरक्षित टिकट के दलालों ने अब एक दूसरा रास्ता अख्तियार किया है। इन दलालों ने मुंबई, पुणे के दलालों से सांठगांठ कर टिकट बुकिंग करवानी शुरू कर दी है।
बीते कुछ दिनों के दौरान मुंबई, पुणे, तलेगांव, कल्याण आदि आसपास के स्टेशनों से जारी टिकट आरपीएफ को मिले। आरपीएफ रामबाग प्रभारी राजेश कुमार बताते हैं कि पिछले दिनों ज्ञानपुर से उन्होंने ऐसा ही एक दलाल पकड़ा। उसने मुंबई के एक दूसरे दलाल के माध्यम से टिकट बुक करवा कर उसे ई मेल के माध्यम से यहां मंगवाया। उन्होंने बताया कि एनसीआर के कुछ स्टेशनों में यात्रियों के पास से मुंबई सीएसटी, मुंबई सेंट्रल, लोकमान्य तिलक, पुणे आदि स्टेशनों से जारी टिकट मिले।
बरामद टिकट पर उक्त पीआरएस का नाम अंकित रहता है। ऐसे में इस तरह के यात्री तुरंत चिह्नित कर लिए जाते हैं। तत्काल टिकट का नियम है कि संबंधित यात्री के पास ओरिजनल टिकट होना चाहिए। लेकिन कुछ यात्रियों के पास सिर्फ टिकट के प्रिंट ही मिले। मुंबई से आ रहे टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए स्थानीय अफसरों ने मध्य रेलवे मुंबई के अफसरों से संपर्क साधा है।
प्रयागराज मंडल में दलालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। यहां काफी हद तक अंकुश भी लगा है। मुंबई एवं आसपास के स्टेशनों से आ रहे टिकट को लेकर वहां के अफसरों से संपर्क किया गया है। उम्मीद है कि वहां के दलालों के खिलाफ भी अंकुश लगेगा। - मनोज कुमार सिंह, सीनियर डीएससी प्रयागराज मंडल।