सर्विलांस के माध्यम से सामने आया था नाम
जांच पड़ताल के दौरान ही सर्विलांस व अन्य माध्यमों से अफजल व उसके साथी निसार का नाम सामने आया। ज्यादा जानकारी जुटाने पर पता चला कि दोनों अक्सर शाम को घटनास्थल के पास ही घूमते थे और वहां घूम रहे युवक-युवतियों को डरा धमकाकर शिकार बनाते थे। पुलिस का शक तब और गहरा गया जब दोनों घर छोड़कर फरार मिले।
इसके बाद से उनकी तलाश शुरू की गई तो अफजल की लोकेशन मुंबई में मिली। जिस पर सुरागराशी जारी रही। तीन दिन पहले सटीक सूचना पर उसे छिंवकी स्टेशन से तब उठा लिया गया, जब वह शहर आ रहा था। हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने घटना में संलिप्तिता कबूल ली। बताया कि घटना वाली रात न सिर्फ उसने व उसके दोस्त ने छात्रा से दुष्कर्म किया, बल्कि उसे कुएं में भी फेंकने वाले वही थे।
अचेत हालत में किया दुष्कर्म
पुलिस के मुताबिक, अफजल ने बताया कि अमन छात्रा से जबरदस्ती कर रहा था जिस पर उसने शोर मचाया। आवाज सुनकर वह अपने साथी संग पहुंचा तो छात्रा अचेत पड़ी थी। इसके बाद उसने भी अपने दोस्त संग मिलकर उससे सामूहिक दुष्कर्म किया।
इसके बाद छात्रा को कुएं में फेंककर भाग निकले। साथ ही शव मिलने के बाद पुलिस की गतिविधियां देखकर शहर छोड़कर चले गए। पुलिस का कहना है कि जांच पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि अफजल पूर्व में भी इस तरह की घटनाएं कर चुका है। जिसमें पीड़ितों ने लोकलाज के भय के चलते शिकायत नहीं दर्ज कराई।
फजीहत से बचने को गुपचुप तरीके से भेजा जेल
इस मामले में खास बात यह रही कि पुलिस ने बेहद गुपचुप तरीके से आरोपी अफजल को जेल भेज दिया। इससे पहले उसे मीडिया के सामने भी नहीं लाया गया। सूत्रों का कहना है कि पूर्व में मामले के खुलासे को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हुए थे। जिनका जवाब अफसरों के पास नहीं था। यही वजह थी कि पुलिस इस बार मामले में फजीहत नहीं कराना चाहती थी। यही वजह थी कि इतने गंभीर मामले में भी सामने आकर जानकारी देने की बजाय आरोपी को गुपचुप तरीके से जेल भेजकर मामले की इतिश्री कर ली गई।