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इलाहाबाद। डेंगू का डंक जारी है। रविवार को भी इसके आधा दर्जन से अधिक संभावित मरीजों को सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी बंद होने से इनकी जांच नहीं हो सकी है लेकिन प्लेटलेट्स काउंट कम होने से ऐसी संभावना बनी हुई है।
डेंगू के जिन मरीजों को भर्ती किया गया है, उनमें आकांक्षा, प्रतियोगी छात्र धीरज का नाम शामिल है। दोनों को निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है। इसके अलावा चिल्ड्रेन अस्पताल में एक पांच वर्षीय बालक, एसआरएन चिकित्सालय में दो युवकों को भी भर्ती कराया गया है। मरीजों की जांच सोमवार को माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कराई जाएगी।
डेंगू के मरीजों केलिए रेफरल सेंटर बना इलाहाबाद
पचास फीसदी से अधिक मामले दूसरे जिलों के शहर के अस्पतालों में हैं भर्ती
इलाहाबाद। डेंगू के मरीजों के लिए शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में न केवल जिले के ग्रामीण इलाकों के लिए रेफरल सेंटर बने ही हैं बल्कि जौनपुर, भदोही, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, रीवा, चित्रकूट, बांदा समेत आसपास के कई जिलों के भी आ रहे हैं। शहर के कई निजी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की भीड़ लगी हुई है। इनमें कई मरीजों की हालत भी गंभीर है।
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के चिकित्सकों का कहना है कि चिकित्सालय में आने वाले दर्जन भर मामलों में पचास फीसदी दूसरे जिलों के हैं। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की रिपोर्ट भी इस बात की पुष्टि कर रही हैं। विभाग की डॉ. मोनिका कहती हैं कि तीन दिनों में डेंगू के 15 से अधिक मामलों की पुष्टि हुई है। उसमें से पांच मामले ही जिले के रहे जबकि बाकी मामले दूसरे जिलों के थे। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एपी सिंह कहते हैं आसपास के जिलों में चिकित्सकीय संसाधन बेहतर नहीं है। इसके चलते मरीज यहां उपचार को पहुंच रहे हैं।