नेवढ़िया विद्युत उपकेंद्र की जर्जर छत किसी समय भी ढह सकती है। इसको ठीक कराने के बजाय विभाग ने लाखों की मशीनों पन्नी ओढ़ा रखी है। जर्जर छत के नीचे ही कर्मचारी काम करते हैं। यहीं से 40 गांवों को बिजली सप्लाई की जाती है।
विद्युत उपकेंद्र के बिल्डिंग की छत पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। बारिश के समय छत से पानी टपकता है। पानी से मशीनों को बचाने के लिए कर्मचारियों को पन्नी का सहारा लेना पड़ता है।
गौरतलब हो कि 20 वर्ष पहले नेवढ़िया विद्युत उपकेंद्र के निर्माण के दौरान ही बिल्डिंग लापरवाही की भेंट चढ़ गई थी। उस दौरान शिकायत की गई लेकिन कुछ नहीं हुआ।
बोले-अफसर
नेवढ़िया विद्युत उपकेंद्र के बिल्डिंग की छत जर्जर हो गई है, इसकी मरम्मत के लिए विभाग को रिपोर्ट भेजी गई है। उम्मीद है कि दो माह के अंदर काम शुरू हो जाएगा। बारिश के दौरान छत टपकती थी इसलिए छत के नीचे पन्नी लगाकर मशीनों को सुरक्षित किए जाने का प्रयास किया गया है। - सुरजीत कुमार, एसडीओ।