एसएसपी शैलेश पांडेय के मुताबिक उन्हें समझाया गया कि इस कार्यक्रम में शरीक होने से उनकी बदनामी होगी। उनसे गुजारिश की गई कि सोमवार को विवाद खत्म होने के बाद वह वाराणसी जाएं। पुलिस के समझाने पर वह मान गईं। उधर, वाराणसी पुलिस की एक टीम रविवार को ही यहां पहुंच गई थी।
सीओ पंचम आस्था जायसवाल को नेताजी की प्रपौत्री के साथ लगाया गया था। पुलिस लाइन गेस्ट हाउस के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। किसी को भी राजश्री चौधरी से नहीं मिलने दिया गया। यहां तक कि मीडियाकर्मियों को भी दूर रखा गया। शाम को करीब चार बजे पुलिस की एक टीम के साथ वह वाराणसी चली गईं।