नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) क्वालीफाई करना अब पहले से आसान होगा। पांच नवंबर को देशभर के 90 शहरों में आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा में यूजीसी ने कई अहम बदलाव किए हैं। इसमें फीस से लेकर विषय और अंक तक शामिल हैं। इस बदलाव के बारे में सेंट्रल बोर्ड ऑफ हायर सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) ने वेबसाइट cbsenet.nic.in पर डिटेल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। आवेदन की प्रक्रिया 11 अगस्त से शुरू होगी। इसके लिए अंतिम तिथि 11 सितंबर निर्धारित की गई है, जबकि फीस 12 सितंबर तक जमा होगी।
अब तक नेट क्वालीफाई करने के लिए तीन पेपरों की अलग-अलग कटऑफ होती थी। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए पहले और दूसरे पेपर में 40-40 फीसदी और तीसरे पेपर में 50 फीसदी अंक प्राप्त करना अनिवार्य था, लेकिन बदली हुई व्यवस्था में नेट क्वालीफाई करने के लिए तीनों पेपरों में कुल 40 फीसदी अंक प्राप्त करने होंगे। इसी तरह ओबीसी, एससी, एसटी और दिव्यांग अभ्यर्थियों को पहले एवं दूसरे पेपर में 35-35 फीसदी और तीसरे पेपर में 40 फीसदी न्यूनतम अंक प्राप्त करना अनिवार्य थी, लेकिन अब तीनों पेपरों में कुल 35 फीसदी अंक पाने होंगे। इस व्यवस्था से अभ्यर्थियों के लिए नेट क्वालीफाई करना पहले के मुकाबले आसान होगा।
इसी तरह परीक्षार्थियों के लिए पहले पेपर में 60 में 50 प्रश्न, दूसरे में 50 में 50 और तीसरे में 75 में 75 प्रश्न करने अनिवार्य थे। अब पहले पेपर में 50 प्रश्न होंगे और परीक्षार्थियों को सभी प्रश्न करने होंगे। दूसरे और तीसरे पेपर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों को ऑनलाइन गलती सुधारने का मौका भी दिया जाएगा। आवेदन के समय कई अभ्यर्थी जल्दबाजी में गलत इंट्री कर देते हैं। क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थी के प्रमाणपत्र में कोई गलत जानकारी दर्ज न हो, इसके लिए अभ्यर्थियों को 19 से 25 सितंबर तक मौका मिलेगा। परीक्षा पांच नवंबर को तीन सत्रों में होगी। पहला पेपर सुबह सुबह 9.30 से 10.45 बजे, दूसरा 11.15 से 12.30 बजे और तीसरा पेपर दोपहर दो से 4.30 बजे तक होगा।
यूजीसी नेट में शामिल होने के लिए आवेदन की फीस बढ़ा दी गई हैं। पहले आवदेन की फीस 600 रुपये निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया गया है। इससे पहले भी फीस में बढ़ोतरी हुई थी। 2013 में सामान्य वर्ग के लिए 400 रुपये फीस थी, जिसे 2016 में बढ़ाकर 600 रुपये किया गया था।
सीबीएसई ने यूजीसी नेट के आवेदन के लिए आधार कार्ड को जरूरी कर दिया है। फॉर्म भरते समय अभ्यर्थी को आधार कार्ड का नंबर भी दर्ज करना होगा। यूजीसी का मानना है कि आधार का उपयोग करने से आवेदकों के विवरण में प्रमाणिकता आएगी। इसमें परीक्षा केंद्र में बिना परेशानी के आवेदकों के पहचान को सुनिश्चित किया जा सकेगा।