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Prayagraj News: न तुम हारीं, न मैं जीता... आ लौट चलें घर

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राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को परिवार न्यायालय के परामर्शदाताओं की पहल से कुल नौ जोड़े दोबारा एक हुए। वर्षों से अलग रह रहे दंपतियों के रिश्तों को आपसी संवाद और परामर्श के बाद नया जीवन मिला। बात मानकर दंपतियों ने भी गिले-शिकवे दूर किए। एक पति पत्नी को मनाते हुए बोला... न तुम हारीं, न मैं जीता। आओ अब घर लौट चलें।
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मेजा क्षेत्र के दंपती की शादी 2020 में हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया वे अलग रहने लगे। परामर्शदाताओं ने दोनों को समझाया और रिश्ते को एक और मौका देने की सलाह दी। काफी देर तक चली बातचीत के बाद दोनों ने फिर साथ रहने का निर्णय लिया।
इसी तरह करछना निवासी एक दंपती की शादी 2020 में हुई थी। तीन महीने से दोनों अलग रह रहे थे। दो महीने पहले ही उनके घर बेटी का जन्म हुआ। बच्ची के भविष्य और उसके प्रति प्रेम को देखते हुए दोनों भावुक हो गए। बच्ची के नाते पति-पत्नी ने सभी विवाद भुलाकर दोबारा साथ रहने की सहमति दे दी।
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वहीं, सहसों क्षेत्र के एक अन्य दंपती की शादी 2023 में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद आपसी मतभेद के कारण दोनों अलग रहने लगे थे। दो महीने पहले उनके यहां बेटे का जन्म हुआ। बच्चे के भविष्य और परिवार को बचाने की भावना ने दोनों को फिर करीब ला दिया।
इस दौरान जिला जज सत्य प्रकाश त्रिपाठी, प्रधान परिवार न्यायाधीश रवींद्र कुमार-द्वितीय और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रदीप्ति सिंह व न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही परिवार न्यायालय के परामर्शदाता वीरेंद्र सिंह, मीनाक्षी त्रिपाठी, श्वेता सिंह, उदयराज सिंह, लता श्रीवास्तव और बीके शुक्ला की रहे।
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