कुछ देर बाद उनके तीनों क्रेडिट कार्ड से लगभग सवा दो लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का मैसेज आ गया। उन्होंने तुरंत तीनों बैंकों को ट्रांजैक्शन के बारे में लिखित सूचना दी। तीनों कार्ड को तुरंत ब्लाक करा दिया। एचडीएफसी बैंक ने तो उनकी दरख्वास्त पर ट्रांजैक्शन रोक दिया और बाद में 49 हजार वापस भी आ गया, लेकिन एसबीआई और एक्सिस बैंक ने न तो ट्रांजैक्शन रोका न ही कोई कार्रवाई की। उल्टा जालसाज द्वारा किए गए ट्रांजैक्शन का बिल भेज दिया।
बकौल धीरज, उन्होंने बैंक अफसरों से मिलकर भी यह बताया कि उन्होंने न तो कोई ओटीपी बताई न ही कार्ड का नंबर लेकिन बैंक अफसर मानने को तैयार नहीं हैं। बैंक अफसरों का कहना है कि बिना ओटीपी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन मुमकिन ही नहीं है। थक हारकर धीरज गुप्ता ने फ्रॉड करने वाले अज्ञात के खिलाफ 20 जून को एफआईआर दर्ज कराई है।