लाभार्थी शकुंतला सिंह अपनी गायों के साथ।
60 साल की उम्र में मेजा के शुकुलपुर गांव की शकुंतला सिंह में जज्बा युवाओं जितना है। 60 बरस की होने के बाद भी वह 35 गायें पाल रही हैं। ये गायें रोजाना करीब 300 लीटर दूध देती हैं। इसे बेचकर वह हर महीने करीब सवा लाख की कमाई करती हैं।
गो पालन से वह आत्मनिर्भर बनने के साथ ही महिलाओं के लिए मिसाल पेश कर रही हैं। उनका कहना है कि जज्बे के आगे उम्र मायने नहीं रखती है। काम को मेहनत से करेंगे तो सफलता कदम चूमेगी।
पशुपालन विभाग ने नंद बाबा दुग्ध मिशन अभियान से लोगों को जोड़ा। इसी अभियान के तहत शकुंतला सिंह ने भी गो सेवा का संकल्प लिया। शकुंतला के पति सरकारी ठेकेदार हैं। इसके बावजूद उन्होंने ने घर पर खाली बैठने की जगह गो सेवा का संकल्प लिया। उन्होंने वर्ष 2022 में छह साहीवाल गायों से सफर शुरू किया। आज उनके पास 35 देशी नस्ल की गायें हैं।
पशुपालकों के लिए बनीं रोल मॉडल
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसएन यादव बताते है कि शकुंतला सिंह ने नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत संचालित नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। लॉटरी के जरिये उनका चयन हुआ। उन्हें सरकार से गो पालन के लिए 31.25 लाख की मदद मिली। इसके बाद उन्होंने गाय खरीदकर करीब 10 लोगों को रोजगार दिया है।
क्या हैं नंदिनी कृषक समृद्धि योजना
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत जिले में पांच लोगों को लाभान्वित किया गया है। इसमें अधिकतम 62 लाख रुपये पशुपालक को मिलते हैं। इसमें 15 फीसदी लाभार्थी का अंश होता है। 50 फीसदी पशुपालन विभाग देता है। शकुंतला को 31.25 लाख पशुपालन विभाग ने मुहैया कराए हैं।