कोरोना की जांच में भी लापरवाही बरती जा रही है। पट्टी के सलाहपुर गांव की कोरोना पीड़ित महिला ने एसआरएन में बेटी को जन्म दिया था। दो दिन की बच्ची की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद डाक्टरों ने उसे पिता के साथ घर भेज दिया। वहां पिता की रिपोर्ट भी निगेटिव बताई गई। युवक जब दो दिन की बच्ची को लेकर घर पहुंचा तो उसे स्वास्थ्य विभाग से सूचना मिली कि वह कोरोना पाजिटिव है। अब बच्ची को फिर एसआरएन भेज दिया गया है। पिता को लालगंज ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
सलाहपुर गांव का एक वृद्ध कुछ दिनों पहले मुंबई से लौटकर घर आया था। इसके बाद उसकी तबियत बिगड़ गई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने घर के सभी सदस्यों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। रिपोर्ट आने के बाद वृद्ध की बहू और देवर कोरोना पाजिटिव निकले। बहू गर्भवती थी। 18 मई को उसे प्रयागराज भेजा गया। 19 मई को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में उसने बच्ची को जन्म दिया। महिला के साथ गए उसके पति की भी वहां कोरोना की जांच हुई। जन्म लेने वाली बच्ची का भी सैंपल लेकर डाक्टरों ने जांच के लिए भेज दिया। उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई।
इसके बाद डाक्टरों ने महिला के पति की भी रिपोर्ट निगेटिव होने की बात कहकर बच्ची उसे सौंप दी। एंबुलेंस से दोनों को घर भेज दिया गया। गुरुवार को युवक बेटी को लेकर सरायछिवलहा स्थित अपनी मौसी के घर पहुंचा। शाम को स्वास्थ्य विभाग से उसे फोन आया। बताया गया कि उसकी और उसकी मां की कोरोना की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। अब नवजात बच्ची की भी फिर से सैंपलिंग करानी पड़ेगी।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहले युवक को एंबुलेंस से लालगंज कोविड सेंटर भेजा। इसके बाद उसकी मां, मौसी व नवजात बच्ची को जांच व इलाज के लिए प्रयागराज भेज दिया। उधर, युवक का कहना है कि 17 मई को उसका सैंपल प्रतापगढ़ में भी लिया गया था। फिर 19 को प्रयागराज में भी लिया गया। प्रयागराज की रिपोर्ट में उसे निगेटिव बताया गया।
रिपोर्ट आने के बाद ही डाक्टरों ने उसे बच्ची को सौंपा था। फिर इसके बाद वह 17 मई की रिपोर्ट में वह कैसे पॉजिटिव हो गया। सीएमओ डॉक्टर एके श्रीवास्तव ने बताया कि जो रिपोर्ट भेजी गई थी उसमें युवक व उसकी मां पाजिटिव मिले हैं। नवजात का सैंपल पांच दिनों बाद लिया जाना था। इसलिए उसे घर भेजा गया था। युवक ने नवजात को अपने मौसी के घर पहुंचा दिया था। इस लिए उसकी मां, मौसी और नवजात को प्रयागराज जांच और इलाज के लिए भेजा गया है।