रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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डॉ.एके बंसल हत्याकांड की जांच में जुटी एसटीएफ ने रविवार को जीवन ज्योति अस्पताल के कर्मचारी और डॉक्टर परिवार के करीबी नीरज मिश्र से पूछताछ की। नीरज से पुलिस ने डॉ. बंसल के विवादों, भू माफिया नेता से झड़प समेत कई बिंदुओं पर गहराई से सवाल-जवाब किए। कई घंटे पूछताछ के बाद उसे यह हिदायत देकर छोड़ा गया कि वह शहर से बाहर नहीं जाए क्योंकि उससे दुबारा पूछताछ की जा सकती है।
यमुनापार इलाके का रहने वाला नीरज मिश्र जीवन ज्योति अस्पताल का पुराना कर्मचारी है। वह बंसल परिवार का बेहद करीबी रहा है। अस्पताल की देखरेख की जिम्मेदारी उस पर थी। बताया जाता है कि उसे बंसल परिवार से जुड़े हर मामले की जानकारी रहती थी। हत्याकांड के बाद पुलिस को पता चला था कि डॉ. बंसल का यमुनापार इलाके में करोड़ों की जमीन को लेकर एक भूमाफिया से विवाद चल रहा था। कई महीने पहले डॉ.बंसल की उनके चैंबर में भूमाफिया से झड़प हुई थी। उस दौरान नीरज भी चैंबर में पहुंच गया था। भूमाफिया से भी उसके अच्छे रिश्ते हैं।
एसटीएफ ने उससे भूमाफिया और डॉक्टर बंसल के बीच विवाद और चैंबर में झड़प के बारे में पूछताछ की। हालांकि वह एसटीएफ के ज्यादातर सवालों से कन्नी काटता रहा। पूछताछ के दौरान वह काफी घबराया हुआ था। एसटीएफ ने उससे डॉ. बंसल से जुड़े अन्य विवादों के बारे में जानकारी ली। उससे पूछा गया कि आखिर कौन डॉ. बंसल की हत्या करा सकता है। डॉक्टर की हत्या से किसे फायदा हो सकता था। नीरज से एसटीएफ के सीओ और इंस्पेक्टरों ने बारी-बारी से पूछताछ की। एसटीएफ ने उससे पूरी तैयारी के बाद पूछताछ की। शाम लगभग सात बजे नीरज को इस हिदायत के साथ छोड़ा गया कि वह शहर नहीं छोड़ेगा।
डॉ. बंसल हत्याकांड में प्राइम सस्पेक्ट राजा पांडेय को कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने में शूटर नीरज वाल्मीकि का नाम सामने आने बाद से क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की नींद उड़ी है। क्राइम ब्रांच और एसटीएफ नीरज वाल्मीकि और उसके परिचितों को कानपुर में तलाश रही है। लखनऊ पीजीआई से डिस्चार्ज होने के बाद राजा को उसके साथी नीरज ने अपने परिचितों के जरिए भर्ती कराया है। राजा पांडेय और नीरज की मुलाकात नैनी सेंट्रल जेल में हुई थी। जेल में उनके बीच करीबी रिश्ते हो गए। डॉ. बंसल हत्याकांड के बाद से पुलिस शूटर नीरज वाल्मीकि की तलाश में लगी है।