भारतीय रेलवे ने अपने रनिंग स्टाफ, विशेषकर मालगाड़ियों के हजारों ट्रेन मैनेजरों (गार्ड्स) को नए साल का बड़ा तोहफा दिया है। रेलवे बोर्ड के नए फैसले के अनुसार, अब सीनियर गुड्स ट्रेन मैनेजर से सीनियर पैसेंजर ट्रेन मैनेजर के पद पर प्रमोट होने वाले कर्मचारियों को वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) का लाभ दिया जाएगा।
अब तक की व्यवस्था में सीनियर गुड्स और सीनियर पैसेंजर ट्रेन मैनेजर, दोनों का पे-बैंड और ग्रेड-पे समान होने के कारण रेलवे प्रशासन इसे केवल एक स्थानांतरण मानता था। इस वजह से पदोन्नति के बावजूद कर्मचारियों के वेतन में कोई वृद्धि नहीं होती थी। रेलवे ने अब इसे फंक्शनल प्रमोशन यानी वास्तविक कार्यात्मक पदोन्नति का दर्जा दे दिया है।
इसका मतलब है कि अब जिम्मेदारी बढ़ने के साथ कर्मचारियों का वेतन भी बढ़ेगा। एनसीआर समेत देश भर में तकरीबन 15 हजार सीनियर गुड्स मैनेजरों को इसका लाभ मिलेगा। बोर्ड से पत्र जारी होने के बाद यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। इस निर्णय से न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि पैसेंजर ट्रेनों के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले स्टाफ के बीच पदोन्नति को लेकर उत्साह भी बढ़ेगा।
नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के जोनल महामंत्री आरडी यादव ने बताया कि लंबे संघर्ष के बाद रेलवे बोर्ड ने यह मांग मानी है। वहीं, दूसरी ओर उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी का कहना है कि बोर्ड के निर्देश के तहत एनसीआर में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।