दरअसल, आए दिन रेलवे ट्रैक पर मवेशियों की धमाचौकड़ी की वजह से रेल संचालन बाधित होता रहा है। ट्रैक किनारे पड़े खाने पीने के सामान के चक्कर में मवेशी ट्रेनों की चपेट में आ जाते हैं। वंदे भारत की चपेट में कई बार मवेशी आ चुके हैं। इन्हीं घटनाओं को रोकने के लिए एनसीआर प्रशासन ने ट्रैक किनारे अब मेटल बीम क्रैश बैरियर लगाने का निर्णय लिया है। यह काम इसी वित्तीय वर्ष से शुरू हो जाएगा।
एनसीआर में चल रही ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रति घंटा किए जाने का लक्ष्य है। इसी वजह से रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और ट्रेनों के सुगम संचालन के लिए एक्सप्रेस वे की तर्ज पर मेटल बीम क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे। - सतीश कुमार, जीएम एनसीआर