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एनसीआर रेलवे : जनरल कोच में बिना आरक्षण सफर की मनाही, जुर्माने से करोड़ों की कमाई 

Thu, 16 Dec 2021 06:17 PM IST
विनोद सिंह राहुल शर्मा, प्रयागराज

सार

कोरोना के पहले वर्ष 2019 में 18 करोड़ तो वर्ष 2021 के पहले आठ माह में 30 करोड़ की वसूली। जंक्शन से गुजरने वाली 242 ट्रेनों में से महज दो में ही अनारक्षित ट्रेनों में सफर की अनुमति।
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रुपये - फोटो : pixabay
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विस्तार
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जनरल कोच में बिना आरक्षण सफर की मनाही ने भले ही दैनिक यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी हो, लेकिन रेलवे के लिए यह व्यवस्था फायदेमंद साबित हो रही है। प्रयागराज जंक्शन से गुजरने एवं यहां से चलने वाली 242 ट्रेनों में से महज दो में ही बिना आरक्षण सफर की सुविधा है। दूसरी ओर जनरल कोच में बिना आरक्षण और अनियमित टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों की बड़ी संख्या है, जिनसे जुर्माने के रूप में रेलवे करोड़ों रुपये की कमाई हो रही है। इसकी तुलना कोरोना काल से पहले वसूले जाने वाली जुर्माने की रकम से करें तो यह करीब 12 करोड़ रुपये ज्यादा है।

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रेलवे के आंकड़ों पर गौर करें तो जब कोरोना नहीं था, उस दौरान अप्रैल 2019 से नवंबर 2019 की अवधि में बिना टिकट यात्रा करने वालों से 18.04 करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए। हालांकि उस दौरान ट्रेनों के जनरल कोच में बिना आरक्षण सफर की मनाही नहीं थी। प्रयागराज जंक्शन से गुजरने वाली ऐसी सभी ट्रेनें, जिसमें जनरल कोच थे, उसमें अनारक्षित टिकट लेकर सफर किया जा सकता था। लेकिन कोरोना के बाद पिछले वर्ष जब एक जून से ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ तो जनरल कोच में भी सफर करने के लिए यात्रियों को रिजर्वेशन करवाना अनिवार्य कर दिया गया।

प्लेटफार्म टिकट खरीदकर यात्रा करना पड़ा महंगा
इस बीच कोविड केस कम होने के बाद रेलवे ने ट्रेनों से विशेष दर्जा तो हटा दिया लेकिन गिनती भर ट्रेनों के अलावा किसी में भी बिना आरक्षण जनरल कोच में सफर की अनुमति नहीं दी। इसका नतीजा यह रहा कि आरक्षण न मिलने पर जिन्हें सफर करना है वह बिना टिकट या प्लेटफार्म टिकट खरीद कर जनरल कोच में सफर करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। इन्हीं यात्रियों से रेलवे द्वारा जुर्माना वसूले जाने की कार्रवाई की जा रही है। अप्रैल 21 से नवंबर 21 तक रेलवे ने ऐेसे यात्रियों से 30.49 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला है। जुर्माने की इस राशि की तुलना अगर वर्ष 2019 वाले आंकड़े से की जाए तो यह 12 करोड़ से ज्यादा की है।

एनसीआर की सभी ट्रेनों में जनरल टिकट लेकर यात्रा करने की सुविधा हो बहाल
रेलवे द्वारा जुर्माना वसूल कर भले ही अपनी झोली भरे जाने पर डीआरयूसीसी सदस्य पवन श्रीवास्तव  का कहना है कि रेलवे बोर्ड सभी ट्रेनों के जनरल कोच में अनारक्षित टिकट लेकर यात्रा करने की सुविधा बहाल करे। आखिर यात्री कब तक जुर्माना देंगे। दैनिक यात्री विजय उपाध्याय ने बताया कि बीते दो वर्ष से जनरल कोच में बिना आरक्षण सफर की मनाही है। कानपुर, वाराणसी, जबलपुर जाने वाली सभी ट्रेनों में यह सुविधा बहाल की जाए। 
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प्रयागराज संगम की कई ट्रेनों में है सुविधा, जंक्शन की दो ट्रेनों में ही अनुमति 
प्रयागराज संगम से संचालित सरयू एक्सप्रेस को छोड़ दिया जाए तो अन्य सभी ट्रेनों के जनरल कोच में अनारक्षित टिकट लेकर सफर की अनुमति है। इसमें गंगा गोमती, लखनऊ इंटरसिटी, कानपुर इंटरसिटी, मनवार संगम एक्सप्रेस, नौचंदी एक्सप्रेस, हरिद्वार एक्सप्रेस प्रमुख रूप से शामिल है। वहीं प्रयागराज जंक्शन से सिर्फ डीडीयू और कानपुर मेमू में ही सफर की अनुमति है। 

एक-एक करके जनरल कोच में अनारक्षित टिकट लेकर एनसीआर की ट्रेनों में सफर की अनुमति दी जा रही है। संगम एक्सप्रेस में 20 और झांसी एक्सप्रेस में 16 दिसंबर से अनारक्षित टिकट पर सफर की सुविधा बहाल हो जाएगी। - डॉ. शिवम शर्मा, सीपीआरओ, एनसीआर।
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