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दो दर्शन कर दो उद्धार, आए ललिता तेरे द्वार

Mon, 11 Apr 2016 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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चैत्र नवरात्र पर मीरापुर स्थित ललिता देवी मंदिर में मां की आरती करते पुजारी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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नवरात्र के तीसरे दिन रविवार को देवी के चंद्रघंटा स्वरूप का पूजन-अर्चन हुआ। शहर के सिद्धपीठों सहित प्रमुख मंदिरों में ध्वजा, निशान चढ़ाने को भीड़ उमड़ी। दुर्गासप्तशती के मंत्रों से मंदिर परिसर गूंजते रहे। भगवती की कृपा पाने को बड़ी संख्या मे्ं महिलाएं भी जुटीं। ध्वजा निशान चढ़ाने  ग्रामीण क्षेत्र से आने वालों की भारी भीड़ सिद्धपीठ ललिता, कल्याणी, अलोपशंकरी मंदिरों में उमड़ी। 
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सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर में कोलकाता के सज्जाकारों ने त्रिपुर सुंदरी ललिता देवी का चंद्रघंटा स्वरूप में बहुरंगी फूलों से शृंगार किया। मंगला आरती के साथ पूजन का क्रम शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहा। देवी पूजन के उपरांत नवग्रह पूजन किया गया। शतचंडी यज्ञ में मानव कल्याण के निमित्त आहुतियां डाली गई। आचार्य अशोक मिश्र ने शतचंडी यज्ञ के महात्म्य के बारे में बताया। मंदिर समिति अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा और महामंत्री धीरज नागर की देखरेख में सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था संभाली।

 कल्याणी देवी मंदिर में शृंगार दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। देवी का स्वर्ण, चांदी के आभूषणों और बहुरंगी फूलों से मनोहारी शृंगार देख लोग चकित होते रहे। मंदिर परिसर में मुंडन छेदन कराने के लिए तांता लगा रहा। अध्यक्ष सुशील पाठक ने देवी कल्याणी की महिमा बताई। व्यवस्थापक श्याम जी पाठक सहित मंदिर समिति के सदस्य एवं पदाधिकारी व्यवस्था में जुटे। हाईकोर्ट हनुमान मंदिर के अष्टभुजी मंदिर, हनुमत निकेतन  दुर्गा मंदिर, सिद्धेश्वरी गुप्त महापीठ, मुट्ठीगंज कालीबाड़ी, कर्नलगंज व कटरा कालीबाड़ी, चौफटका, समियामाई आदि मंदिरों में  दुर्गा सप्तशती, शतचंडी के पाठ हुए।
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अलोपशंकरी का दर्शन पा हुए निहाल
शक्तिपीठ अलोपशंकरी देवी मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी। देवी का दर्शन पाकर निहाल हुए भक्तों के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। मंदिर में बच्चों के मुंडन छेदन कराने आए परिवारों ने देवी का भोग प्रसाद परिसर में तैयार किया। प्रधान पुजारी शिवानंद गिरि की देखरेख में भोर से आरंभ हुआ पूजन-अर्चन का क्रम देर रात तक होता रहा।

शक्ति स्वरूपा खेमामाई का शृंगार दर्शन से हुए मंत्रमुग्ध
चौक गंगादास स्थित शक्ति स्वरूपा खेमामाई मंदिर में देवी के नवदुर्गा स्वरूप का फूलों और रत्नजड़ित आभूषणों से मनोहारी शृंगार किया गया। गिरीश अग्रवाल, शेकू की देखरेख में मंदिर के गर्भगृह और परिसर की सजावट की गई। पूजन और व्यवस्था में जुटीं पुजारिन कंचन ने महाआरती कराई। जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। 
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