Navodaya schools keep a separate panel for answers
नवोदय स्कूलों के अलग पैनल रखने की जांच का आदेश
0 हाईकोर्ट ने कहा क्या केंद्र सरकार का पैनल नहीं कर सकता पैरवी, सचिव एमएचआरडी को जांच का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नवोदय विद्यालयों के लिए अलग से वकीलों का पैनल रखने की जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय नई दिल्ली के सचिव को इस मामले की जांच कर बताने को कहा है। कोर्ट ने इस मामले में सचिव को असिस्टेंट सॉलीसिटर जनरल ऑफ इंडिया से भी राय लेने के लिए कहा है कि क्या भारत सरकार के पैनल से कोर्ट में बेहतर पक्ष रखा जा सकता है। कोर्ट ने चार माह में इसकी रिपोर्ट मांगी है। जांच पूरी होने तक नवोदय विद्यालयों के मुकदमों का नोटिस एएसजीआई कार्यालय को रिसीव करने का कोर्ट ने निर्देश दिया है।
नाबालिग छात्रा देवा पटेल की याचिका पर न्यायमूर्ति अजय भनोट सुनवाई कर रहे हैं। कोर्ट ने छात्रा के शिक्षा के अधिकार पर भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय से जानकारी मांगी है। याचिका की सुनवाई एक अगस्त को होगी। सुनवाई के लिए दो वकील नवोदय विद्यालय समिति की तरफ से बहस के लिए पेश हो गए। दोनों के बीच अधिकारिता को लेकर विवाद हुआ। दोनों को खुद को समिति का अधिकृत वकील बताया।
कोर्ट ने कहा किस विभाग का कौन सा वकील होगा, यह अदालत नहीं तय कर सकती है। इसे विभाग को ही तय करना होगा। मगर, एक ही मुकदमे मेें एक विभाग का पक्ष रखने दो वकीलों के आने से व्यवस्था गड़बड़ हो जाएगी और न्याय प्रशासन में समस्या उत्पन्न होगी। याचिका में 6 से 14 साल के बच्चे को अनिवार्य शिक्षा का मुद्दा उठाया गया है। यह अनुच्छेद 21 ए के तहत मूल अधिकार में शामिल है।