बेमौसम हुई बरसात और तेज हवाओं के झोंकों से शुक्रवार को सुबह फसलों को भारी नुकसान हुआ। तेज हवा से खेतों में तैयार गेहूं और सरसों की फसल गिर गईं।
शुक्रवार को सुबह अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ बारिश होने लगी। यह देख किसानों के होश उड़ गए। जिन किसानों की फसलें पककर कटाई के लिए तैयार थी, वह तेज हवा व बरसात से गिर गईं। हालांकि, कुछ किसानों ने तिरपाल डाल कर खलिहान में तैयार उपज को सुरक्षित करने की कोशिश की।
मातपुर गांव के किसान विजय कुमार ने बताया कि उनकी सरसों व गेहूं की फसल कटकर खलिहान में रखी थी। बारिश से खराब हो गयी। वहीं नई बाजार गांव के किसान अशोक कुमार ने बताया कि बरसात से तैयार फसल गिर गईं। वहीं घूरपुर में शुक्रवार को बूंदाबांदी के चलते किसान चिंतित रहे। मेजा में किसानों ने बताया कि बारिश होने से गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
शुक्रवार सुबह अचानक हुई बेमौसम बारिश से किसान परेशान हो उठे। हुल्का के किसान राजा पांडेय और अमिलिया कला के हिंछलाल बिंद ने बताया कि पैदावार में भी कमी आ जाएगी। इधर, करमा में बारिश एवं तेज हवा के कारण गेहूं की फसल खेत में गिर गईं। क्षेत्र के पंवरी, बुदावा, पंवर, चिल्ली, करमा, राजापुर और बरौली आदि गांवों में गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है।
मंसूराबाद में हुई बूंदाबांदी
पिछले तीन दिनों से बदलते मौसम और हल्की बूंदाबांदी ने क्षेत्र के किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को फुहारों ने खेतों में खड़ी फसलों पर असर डालना शुरू कर दिया है। खासकर सरसों की कटाई के बाद मड़ाई का कार्य प्रभावित हुआ। भगदेवरा के किसान लुद्दुर पटेल, मलाक बलऊ के अमर सिंह, लाई के अमित सिंह, सम्हई के संजय मौर्य आदि का कहना है कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मऊआइमा में गेहूं के दाने पड़े काले
तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर हुई बारिश से खेतों में तैयार गेहूं की पकी फसलें भीग जाने से दाने काले पड़ गए। वहीं खेतों में आलू के सड़ने की आशंका है। किसान राम चरन, दुखी पटेल, मूरत पटेल, केदारनाथ, रईस और मूलचंद्र आदि ने बताया कि बारिश से उनकी गेहूं की तैयार फसलें भीग गईं। वहीं बेमौसम बारिश से किरांव निवासी राम दास यादव की एक गोवंश की मौत हो गई।
वहीं नवाबगंज के किसान श्यामलाल पटेल और जय करण पटेल ने बताया कि आलू की खोदाई चल रही है। बारिश से आलू और सरसों की खेती प्रभावित होगी। वहीं तिलईबाजार में बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं बारा में राज कुमार, कुलदीप और मुकेश आदि किसानों ने बताया कि जारी क्षेत्र में कहीं-कहीं ओले भी गिरे हैं।
आलू की खोदाई हुई प्रभावित
बारिश के चलते किसानों की आलू की खोदाई प्रभावित हुई। वहीं सरसों कि फसलें भीग गईं। किसानों का मानना है कि यदि मौसम जल्द ही साफ नहीं हुआ तो गेहूं की फसल पर भी संकट छा सकता है। इधर, प्रतापपुर के किसान राम निरंजन, शिव शंकर, रामू रामहित यादव और राम मनोहर ने बताया कि यदि तेज हवा पानी के साथ ओले गिरे तो तैयार फसल चौपट हो जाएगा।