प्रोफेसर ऊषा टंडन। कुलपति, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय प्रयागराज।
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अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में कर सकती हैं ज्वाइन
प्रो. टंडन ने बताया कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों, कर्मचारियों की नियुक्ति, प्रवेश की प्रक्रिया, कक्षाओं का संचालन सहित तमाम प्रशासनिक और अकादमिक गतिविधियां शुरू होनी हैं। सामने बहुत सी चुनौतियां भी आएंगी, लेकिन प्रयास यही होगा कि विश्वविद्यालय में सभी कार्य जल्द से जल्द शुरू और पूरे किए जा सकें। प्रो. टंडन ने बताया कि नियुक्ति की सूचना मिलने के बाद वह दिल्ली विश्वविद्यालय में अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के लिए आवेदन करेंगी।
इस बीच दिल्ली विश्वविद्यालय में 22 सितंबर को छात्रसंघ और 27 सितंबर को शिक्षक संघ के चुनाव होने हैं। ऐसे में वह अक्तूबर के पहले या दूसरे सप्ताह में ज्वाइन कर सकती हैं। प्रो. ऊषा टंडन मूलत: दिल्ली की रहने वाली हैं और उनकी प्राथमिक एवं उच्च शिक्षा वहीं से पूरी हुई। उन्होंने विधि की शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से ही प्राप्त की। प्रो. ऊषा टंडन के पास 30 वर्षों से अधिक का शैक्षणिक अनुभव है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और महिला अधिकारों से संबंधित कानून के विभिन्न पहलुओं पर किताबें लिखीं हैं। प्रो. टंडन के 50 से अधिक शोधपत्र विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
शिलान्यास के दो साल बाद हुई वीसी की नियुक्ति
11 सितंबर 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रयागराज में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी थी। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और अधिवक्ता चैंबर का शुभारंभ किया था। दो साल बाद अब इस विश्वविद्यालय के लिए वीसी की नियुक्ति की गई है।
झलवा में 24 एकड़ में बन रहा विधि विश्वविद्यालय
झलवा में 24 एकड़ क्षेत्रफल में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें विश्वविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन के साथ छात्रों के लिए कक्षाएं, आठ सौ लोगों के एक साथ बैठने के लिए एक ऑडिटोरियम, शिक्षकों, कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कई तरह के आवास, छात्र-छात्राओं के लिए अलग से हॉस्टल बनाए जाएंगे। इसके निर्माण में कुल 220 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड एक को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बीएएलएलबी की 80 सीटों पर प्रवेश की तैयारी
राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया बंगलूरू यूनिवर्सिटी की तर्ज पर बनाया जाएगा। नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया 18 एकड़ में बना है। पहले चरण में विधि विश्वविद्यालय में बीएएलएलबी की 80 सीटों पर प्रवेश की तैयारी है। प्रवेश इसी सत्र से शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा विवि में डिप्लोमा, डिग्री के अन्य पाठ्यक्रम भी चलाए जाएंगे। इसके साथ ही न्यायिक व अन्य विधि सेवाएं, विधि निर्माण, विधि सुधार के क्षेत्र में शोध की सुविधा होगी।
2003 में हुई थी विधि विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा
प्रयागराज में विधि विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा आठ जनवरी 2003 में हुई थी। तब शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क स्थित पब्लिक लाइब्रेरी में विधानसभा की विशेष बैठक आयोजित की गई थी। उस समय प्रदेश में भाजपा-बसपा की साझा सरकार थी और बसपा सुप्रीमो मायावती प्रदेश की सीएम थीं।
‘वैकल्पिक व्यवस्था के तहत फाफामऊ स्थित बीबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में विधि विश्वविद्यालय संचालित करने का प्रस्ताव है। सर्वे करा लिया गया है। कुछ बिंदुओं पर शासन ने रिपोर्ट मांगी थी, जो शासन को भेज दी गई है।’ - कुंवर पंकज, मुख्य राजस्व अधिकारी।