17 साल पहले हुई थी घोषणा
विधि विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा 17 साल पहले आठ जनवरी 2003 को हो गई थी। शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क स्थित पब्लिक लाइब्रेरी में प्रदेश विधानसभा की विशेष बैठक आयोजित की गई थी।
उस समय प्रदेश में भाजपा और बसपा की संयुक्त सरकार थी। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती मुख्यमंत्री थीं। मायावती ने ही विधि विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की थी।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे केशरी नाथ त्रिपाठी तब प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष थे। उनकी पहल पर बुलाई गई बैठक में तत्कालीन राज्यपाल स्व. विष्णुकांत शास्त्री, मुख्यमंत्री मायावती, केशरी नाथ त्रिपाठी, विपक्ष के नेता प्रमोद तिवारी ने विचार रखे थे।
सपा ने इसका बहिष्कार किया था। इस घोषणा के सात माह बाद 29 अगस्त 2003 को भाजपा के समर्थन वापस लेने की वजह से मायावती की सरकार जाने के साथ घोषणा खटाई में पड़ गई थी।