झूठा मामला दर्ज करने की साजिश रची जा रही
याचिकाकर्ता ने दावा किया कि कुछ लोगों ने उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने के लिए आपराधिक साजिश रची। उसे पता चला कि भू-माफिया, जिनमें राजनेता, प्रभावशाली लोग, अधिकारी आदि शामिल हैं, ने बाघंबरी गद्दी और हनुमान मंदिर की जमीन की बिक्री से अनुचित लाभ उठाया और उसने इस संबंध में समय-समय पर खुलासे किए। यह भी आरोप लगाया है कि उसे अपनी पसंद का वकील देने या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाओं के माध्यम से अदालत में पेश होने से मना करके मामले में निष्पक्ष सुनवाई से वंचित किया गया है।
नैनी जेल में दुर्व्यवहार की शिकायत के बाद खतरनाक अपराधी घोषित किया गया
याचिकाकर्ता ने कहा है कि उसे पहले इलाहाबाद की नैनी सेंट्रल जेल में रखा गया था लेकिन जब उसने दुर्व्यवहार की शिकायत की तो उसे खतरनाक अपराधी घोषित कर दिया गया और एक साल की कैद के बाद उसे चित्रकूट जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। याचिका में दावा किया गया है कि उसने चित्रकूट जेल में अपने साथ हो रहे दुर्व्यवहार और जान को खतरे के बारे में जिला अदालत को कई पत्र लिखे लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ट्रायल कोर्ट व जेल अधिकारी कानून विपरीत काम कर रहे
याचिका में आरोप लगाया गया कि ट्रायल कोर्ट और जेल ऑथोरिटी दोनों ही कानून के विपरीत अनुचित तरीके से काम कर रहे हैं। मामले में मनमानी इस हद तक है कि ट्रायल को दिखावा बना दिया गया है। हालांकि याचिकाकर्ता का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, लेकिन उसे कुख्यात अपराधियों की श्रेणी में रखा गया है, जो आवेदक के साथ अन्याय है और ऐसा उसे उसके संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने के लिए किया गया है।