कोर्ट को उनके अधिवक्ता ने बताया कि जाम में फंसे होने के कारण अदालत पहुंचने में देरी हो सकती है। इस पर अदालत ने अभियोजन की अर्जी पर विवेचक व सीबीआई के डिप्टी कमिश्नर एसके नेगी को तलब किया है।
महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या प्रकरण के विचाराधीन मुकदमे में मंगलवार को दूसरे गवाह और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी अदालत में हाजिर नहीं हो सके। कोर्ट को उनके अधिवक्ता ने बताया कि जाम में फंसे होने के कारण अदालत पहुंचने में देरी हो सकती है। इस पर अदालत ने अभियोजन की अर्जी पर विवेचक व सीबीआई के डिप्टी कमिश्नर एसके नेगी को तलब किया है।
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अभियोजन पक्ष ने अर्जी में बताया कि महंत की आत्महत्या से जुड़े कई ऑडियो और वीडियो मौजूद हैं। विवेचक बताएं तो मामले के दूसरे गवाह रवींद्र पुरी से संबंधित ऑडियो वीडियो से उनकी पहचान कराई जा सकती है। कोर्ट ने अर्जी को स्वीकार करते हुए विवेचक को कोर्ट में उपस्थित होकर संबंधित ऑडियो-वीडियो की गवाह से शिनाख्त कराने का निर्देश दिया।
इसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश रामप्रताप सिंह राना ने सुनवाई की अगली तिथि 21 फरवरी तय कर दी। सुनवाई के दौरान सीबीआई के विशेष अधिवक्ता एके तिवारी और डीजीसी गुलाबचंद अग्रहरि ने पक्ष रखा।