पुनर्प्राप्त जन्म महोत्सव के बहाने बृहस्पतिवार को योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने अपनी सियासी ताकत दिखाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के पूर्व उन्होंने अपने पुनर्प्राप्त जन्म महोत्सव में भंडारे के जरिए जहां शहर की जनता को साधा तो वहीं दूसरी ओर यूपी कैबिनेट के तमाम मंत्रियों को अपने कार्यक्रम में बुलवाकर सरकार में अपनी मजबूती दिखाने का भी प्रयास किया। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के कई करीबी नेताओं की गैर मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही।
वर्ष 2010 में बसपा सरकार में मंत्री रहने के दौरान मंत्री नंदी पर जानलेवा हमला हुआ था। इसके बाद से हर वर्ष नंदी द्वारा बहादुरगंज स्थित शिव मंदिर पर रुद्राभिषेक कर भंडारे का कार्यक्रम किया जाता रहा है। इस बार भी ऐसा ही हुआ। मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी एवं पुत्र अभिषेक, नमन और पुत्री जान्हवी के साथ उन्होंने बहादुरगंज स्थित शिव मंदिर में रुद्राभिषेक किया। इसके बाद वे भंडारे में आने वाले लोगों से देर रात तक मिलते रहे। कार्यक्रम के लिए नंदी की ओर से एक लाख पांच हजार कार्ड शहर में वितरित किए। कैबिनेट मंत्री का दावा है कि तकरीबन दो लाख लोगों ने भंडारे में भोजन किया। कई लोगों ने नंदी और अभिलाषा के साथ सेल्फी भी ली। इस दौरान योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, डा. रीता बहुगुणा जोशी, ओम प्रकाश राजभर, रणवेंद्र प्रताप सिंह, अनुपमा जायसवाल, एसपीएस बघेल के साथ सांसद विनोद सोनकर, विधायक नीलम करवारिया, डा. यज्ञदत्त शर्मा, डा. अजय भारतीय आदि शिरकत की। कार्यक्रम में भगवा पंडाल को देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा था कि सीएम योगी भी इलाहाबाद पहुंच रहे हैं, लेकिन बाद में नंदी ने अपने समर्थकों को बताया कि सीएम के यहां आने का कार्यक्रम नहीं है।
पुनर्प्राप्त महोत्सव के लिए बहादुरगंज इलाके में शिव मंदिर से लक्ष्मण मार्केट को जोड़ने वाली सभी गलियों में मेहमानों के लिए रेड कार्पेट बिछाए गए। दो लाख लोगों के लिए मंडपम, मोती पार्क समेत कुल पांच स्थानों पर हलवाइयों ने खाना बनाया। आम लोगों के लिए लक्ष्मण मार्केट के सामने, वीआईपी के लिए मानसरोवर पेट्रोल टंकी के सामने एवं वीवीआईपी के भोजन की व्यवस्था राजर्षि मंडपम के सामने रही। खास बात यह रही कि सभी स्थानों पर खाने का मेन्यू एक ही रहा। इस दौरान लोगों ने पूड़ी, कचौड़ी, मटर-पनीर की सब्जी, कद्दू की सब्जी, दाल, चटनी, चावल और सूजी के हलवे का स्वाद लिया।
कार्यक्रम स्थल पर पांच स्थानों पर एलईडी भी लगाए गए। इसमें नंदी पर हुए हमले की न्यूज कवरेज और अस्पताल में हुए इलाज आदि को दिखाया गया। इस दौरान दिन भर साउंड बॉक्स पर भक्ति संगीत एवं पुरानी फिल्मों के गाने चलते रहे। कार्यक्रम स्थल पर नंदी के तमाम होर्डिंग भी लगाए गए। इसमें अनिल अंबानी, अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आदि के साथ नंदी की तस्वीरें लगी हुई थी। पूरे कार्यक्रम स्थल को सीसीटीवी कैमरे से लैस किया गया। इसके लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया था।
नंदी के पुनर्प्राप्त जन्म महोत्सव के चलते शहर का प्रमुख मोबाइल एवं इलेक्ट्रानिक बाजार कहे जाने वाला लक्ष्मण मार्केट बंद रहा। यहां व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद की हैं। उधर चंद्रलोक चौराहे से जीरोरोड, सुलाकी चौराहे से मानसरोवर जाने वाली सड़क बंद कर दिए जाने से पुराने शहर के तमाम इलाकों में लोग दिन भर जाम से जूझे। राहत भरी बात यह रही कि डीएम ने बुधवार को हुई झमाझम बारिश की वजह से शहर स्थित 12 वीं तक के स्कूल-कालेजों को बंद करने का निर्देश दे दिया था। नहीं तो स्कूलों की छुट्टी के बाद जाम की स्थिति और विकट हो जाती। दो मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक बंद हो जाने की वजह से पुरानी जीटी रोड और विवेकानंद मार्ग पर ट्रैफिक लोड ज्यादा बढ़ गया। इसके अलावा रामभवन से कोठापार्चा, रामभवन से साउथ मलाका एवं मुट्टीगंज चौराहे की ओर जाने वाली सड़क पर दिन भर जाम की स्थिति रही। ट्रैफिक पुलिस को भी जाम खुलवाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। दो मुख्य सड़कें बंद होने की वजह से संबंधित इलाकों की गलियों में भी वाहनों की हलचल आज कुछ ज्यादा ही रही।