कांग्रेस की मंडलीय प्रचार समिति के प्रभारी नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने इलाहाबाद मंडल के हर बूथ पर अपनी ‘पार्टी’ बना ली है। उन्होंने दावा किया है कि वह आठ जनवरी को केपी कॉलेज मैदान में इतनी बड़ी रैली करने जा रहे हैं, जो इलाहाबाद के इतिहास में कांग्रेस, भाजपा, सपा और बसपा ने कभी नहीं की। हालांकि यह सवाल अब भी बना हुआ है कि अचानक कांग्रेस से अलग स्वतंत्र रूप से इतनी बड़ी रैली के आयोजन के पीछे नंदी का क्या उद्देश्य है। नंदी के करीबियों में ही चर्चा है कि वह भाजपा में जाने की तैयारी कर रहे हैं तो कोई कह रहा है कि नंदी अपनी नई पार्टी बनाने जा रहे हैं। शुक्रवार को प्रेस वार्ता में जब नंदी से इस बारे में पूछा गया तो वह यह कहकर पल्ला झाड़ गए कि राजनीति में कुछ भी संभव है।
नंदी सेवा संगठन की ओर से आठ जनवरी को केपी कॉलेज मैदान पर रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसे ‘आगाज-2017’ का नाम दिया गया है। भाजपा के नजदीकी राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा इसमें बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। साथ ही कई बड़ी कंपनियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी रैली में आएंगे। नंदी ने यह भी बताया कि इलाहाबाद समेत प्रतापगढ़, कौशाम्बी और फतेहपुर में तकरीबन 7800 बूथ हैं और हर बूथ पर नंदी सेवा संगठन के 10 से 12 सदस्य हैं। क्या आगामी विधानसभा चुनाव में यह संगठन एक पार्टी की शक्ल लेने जा रहा है? इस सवाल के जवाब में बोले कि राजनीति में कुछ भी संभव है। भाजपा में शामिल होंगे या नहीं, इस पर गोलमोल जवाब दिया लेकिन नोटबंदी के फैसले को सही करार दिया। यह भी कहा कि इससे व्यापारियों को कुछ दिक्कतें हुई हैं। बाकी चर्चा आठ जनवरी को रैली में होगी। रैली के उद्देश्य पर उन्होंने कहा कि इलाहाबाद का विकास और व्यापारियों की समस्याओं का निराकरण ही उनके संगठन का लक्ष्य है।
- चर्चा है कि नंदी रैली के जरिये भाजपा का ध्यान खींचना चाहते हैं ताकि पार्टी से उन्हें टिकट मिल सके
- यह चर्चा भी है कि रैली के माध्यम से ताकत दिखाकर कांग्रेस से भी टिकट पाने के प्रयास में हैं
- कहा जा रहा है कि किसी पार्टी से टिकट नहीं मिलता है तो आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी नई पार्टी बना लेंगे
- यह चर्चा भी है कि भाजपा सियासी गणित के तहत नंदी को टिकट देने के बजाय उन्हें निर्दलीय चुनाव मैदान में उतारे ताकि विरोध दलों को कमजोर किया जा सके
- नंदी के भाजपा में शामिल होने के कयासों पर पार्टी खामोश है और कांग्रेस नंदी से नाराज है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, काशी प्रांत के अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य और राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह से इस बारे में बात की गई तो तीनों ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। वहीं, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी का कहना है कि नंदी अपने संगठन की ओर से स्वतंत्र रूप से किसी रैली का आयोजन करते हैं तो कोई आपत्ति नहीं लेकिन उनका यह बयान पार्टी विरोधी है कि वह कांग्रेस से बड़ी रैली करने करने जा रहे हैं। पार्टी में रहते इस तरह की बयानबाजी ठीक नहीं है।