Nandi's blessing for Shah and Yogi
प्रयागराज। सूबे के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी मुख्यमंत्री योगी की कैबिनेट में रहेंगे या नहीं, यह सवाल पिछले कई दिनों से लोगों की जुबां पर था। फिलहाल सीएम योगी की कैबिनेट में बुधवार को नए सदस्यों के शामिल होने ओर कुछ मंत्रियों द्वारा इस्तीफा देने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि नंदी को लेकर जो भी चर्चाएं चल रह थी वह महज अफवाह ही हैं। भाजपा के भीतर खाने में इस बात की भी चर्चा है कि कैबिनेट मंत्री नंदी को गृहमंत्री अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ का आशीर्वाद पहले ही मिल गया था।
दरअसल स्टांप एवं पंजीयन मंत्री नंद गोपाल नंदी के विभाग में समूह ख, ग व घ से जुड़े करीब 300 अफसरों और कर्मचारियों के तबादले हुए थे। इसमें तबादला नीति की अनदेखी कर बड़े स्तर पर अनियमितता की शिकायत हुई थी। मामला सुर्खियों में आ जाने से मुख्यमंत्री योगी ने सभी तबादलों पर रोक लगा दी। इस रोक के बाद से ही तमाम तरह की अटकलें आने लगी। यह भी कहा कि सीएम योगी के रूस से आने के बाद या तो नंदी से मंत्री पद वापस ले लिया जाएगा या उनके कुछ विभाग कम कर दिए जाएंगे। इस बीच मंगलवार को योगी कैबिनेट के कई मंत्रियों के इस्तीफा देने की खबर सामने आई।
यह भी चर्चा रही कि बुधवार की सुबह मंत्रिमंडल विस्तार के पूर्व नंदी समेत कुछ और मंत्री भी इस्तीफा दे सकते हैं। लेकिन यह तमाम अटकलें सिर्फ अफवाह ही साबित हुईं। उधर यह भी तय हो गया कि योगी मंत्रिमंडल में नंद गोपाल गुप्ता नंदी का कद अब भी बड़ा ही है। पार्टी नेताओं की माने तो नंदी के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बेहतर रिश्ते हैं। वर्ष 2017 में मंत्रिमंडल में उन्हें शामिल किए जाने के पीछे भी यही वजह रही। इतना ही नहीं भाजपा की नीति रही है कि एक ही परिवार के दो लोग पद पर नहीं रहेंगे। इसके बावजूद नंदी की पत्नी अभिलाषा गुप्ता को महापौर का टिकट दिया गया, जबकि कई दिग्गज नेता नंदी के खिलाफ रहे। इसका निर्णय भी उस समय राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे अमित शाह के स्तर से हुआ था।
इसके अलावा मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद नंदी की मुख्यमंत्री से लगातार नजदीकी बढ़ती गई। योगी के अधिकांश कार्यक्रमों में नंदी शामिल रहते हैं। प्रयागराज कुंभ के दौरान भी सीएम जब भी यहां आए उनके साथ नंदी जरूर ही दिखे। इस वजह से उनके सीएम से बेहतर रिश्ते रहे। हालांकि पार्टी के कुछ नेता यही चाह रहे थे कि नंदी से उनका विभाग वापस ले लिया जाए। इसके लिए उन्होंने जोर भी लगाया, लेकिन अंत में शाह और योगी से बेहतर रिश्ते नंदी के लिए संजीवनी सरीखे साबित हुए।
0 मंत्रिमंडल के विस्तार में प्रयागराज को इस बार नहीं मिला स्थान
0 योगी मंत्रिमंडल का विस्तार होने के साथ प्रयागराज के तमाम विधायकों के समर्थकों को झटका भी लगा है। स्थानीय भाजपाइयों की मानें तो योगी मंत्रिमंडल में यहां के दो विधायकों के नाम शामिल किए गए थे। इसमें फूलपुर से विधायक प्रवीण पटेल और मेजा की विधायक नीलम करवरिया का नाम पार्टी नेता जोर शोर से मंत्री पद के लिए ले रहे थे। लेकिन बुधवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में जिले के किसी भी विधायक को मंत्री बनने का अवसर नहीं मिला। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नरेंद्र देव पांडेय का कहना है कि योगी कैबिनेट में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, सिद्धार्थनाथ सिंह और नंद गोपाल गुप्ता नंदी पहले से ही हैं, ऐसे में प्रयागराज की और गुंजाइश नहीं बन रही थी।