डीएम को दिए शिकायती पत्र में किसानों ने बताया कि अफसरों की मिलीभगत से चकबंदी में बड़ा भ्रष्टाचार किया गया है। इसमें बाहरी लोगों को मकदूमपुर गांव में बड़े-बड़े चक आवंटित कर दिए गए हैं। आरोप है कि जिसके नाम पर चक काटे गए हैं, वे दबंग किस्म के व्यक्ति हैं और अब जबरन जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
सोरांव के मकदूमपुर गांव में जाैनपुर और आजमगढ़ के लोगों के नाम चक काट दिए गए। यही नहीं छोटे किसानों को बड़ा और बड़े काश्तकारों को छोटा चक आवंटित कर दिया गया है। इससे किसानों में आक्रोश है। किसान संगठन की ओर से मामले की शिकायत जिलाधिकारी रविंद्र मंदर से की गई है। इस पर डीएम ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।
डीएम को दिए शिकायती पत्र में किसानों ने बताया कि अफसरों की मिलीभगत से चकबंदी में बड़ा भ्रष्टाचार किया गया है। इसमें बाहरी लोगों को मकदूमपुर गांव में बड़े-बड़े चक आवंटित कर दिए गए हैं। आरोप है कि जिसके नाम पर चक काटे गए हैं, वे दबंग किस्म के व्यक्ति हैं और अब जबरन जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए ग्रामीणों को लगातार धमकी दी जा रही है। इससे गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है और ग्रामीणाें में आक्रोश पनप रहा है।
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उन्होंने डीएम से जांच और कार्रवाई की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब डीएम रविंद्र मंदर ने इस संबंध में एसओसी चकबंदी आलोक श्रीवास्तव से बात की तो उन्होंने प्रथमदृष्टया गड़बड़ी होने की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि यह वर्षों पुराना मामला है, जबकि उन्होंने हाल ही में यहां ज्वाइन किया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कार्रवाई की संस्तुति की गई है ताकि गलत आवंटित चकों को निरस्त किया जा सके।