लालगोपालगंज में जुमा खुतबा को संबोधित करते मौलाना अब्दुल कुद्दूस
कस्बा में शुक्रवार को जुमा की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई। नमाज से पूर्व दिए गए खुतबा में मौलाना अब्दुल कुद्दूस कादरी ने नमाज की फजीलत बयान करते हुए कहा कि यह केवल एक इबादत नहीं, बल्कि मोमिन की पहचान है। नमाज से दिल, आंख व चेहरा मुनव्वर होता है। इसलिए मोमिन को इसकी पाबंदी करनी चाहिए।
जुमा की नमाज के लिए कस्बा की मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ रही। दोपहर में अजान के बाद शुरू हुए खुतबे के दौरान मौलाना अब्दुल कुद्दूस ने मिंबर से खिताब करते हुए इस्लाम में नमाज के महत्व पर विस्तार से रोशनी डाली।
उन्होंने अकीदतमंदों से कहा कि अल्लाह की इबादत से इंसान को दुनिया व आखिरत दोनों में कामयाबी मिलती है। उन्होंने कहा कि जो शख्स पांच वक्त की नमाज पाबंदी से अदा करता है, उसके चेहरे पर एक अलग ही नूर नजर आता है, उसकी आंखों में हया एवं दिल को सुकून मिलता है।
उन्होंने युवाओं से अपील किया कि वह दुनियावी व्यस्तता के बावजूद नमाज को न छोड़ें। खुतबे के बाद अकीदतमंदों ने कतार में खड़े होकर जुमे की नमाज अदा किया। नमाज के बाद मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे व तरक्की के लिए खास दुआएं मांगी गईं।