झूंसी। हाईकोर्ट से दो दिन के पेरोल पर शेरडीह गांव आकर शादी रचाने के बाद आजीवन कारावास के कैदी राजकुमार यादव को पुलिस ने मंगलवार दोपहर दुबारा नैनी जेल भेज दिया। उसकी नवब्याहता रंजना का कहना है कि वह खुद वकील बनकर अपने पति की रिहाई के लिए संघर्ष करेगी। उन दोनों के बीच पहले से करीबी रिश्ता था जिसे शादी में बदल वह खुशी महसूस कर रही है। इस अनोखी शादी की मंगलवार को हर तरफ चर्चा रही।
शेरडीह गांव के राजकुमार यादव को अपने ही गांव के दो सगे भाइयों की हत्या में अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वह नैनी जेल में बंद है। परिजनों ने जेल में बंद राजकुमार की शादी अल्लापुर में रहने वाली रंजना यादव से तय कर दी। सोमवार को शादी होनी थी इसलिए हाईकोर्ट में अर्जी देकर उसे पेरोल पर जेल से रिहा करने की अनुमति मांगी गई। हाईकोर्ट से दो दिन का पेरोल मिला।
सोमवार सुबह पुलिस दस्ता राजकुमार को नैनी जेल से शेरडीह में उसके घर ले गया। वहां कुछ देर के लिए हथकड़ी खोली गई तो राजकुमार ने दुल्हन रंजना के गले में माला डाली। सोमवार रात शादी की रस्मों को पूरा किया गया। मंगलवार सुबह विवाह संपन्न होने के बाद पुलिस राजकुमार को वापस नैनी जेल ले गई। दुल्हन रंजना ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह राजकुमार को तभी से जानती है जब वे दोनों करीब दस साल पहले विश्वविद्यालय में पढ़ते थे। वे काफी करीब आ गए थे। हत्या में राजकुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया मगर वे दोनों संपर्क में बने रहे फिर शादी का रिश्ता तय हो गया। वह एलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं। रंजना के अनुसार, उन्होंने ठान लिया है कि खुद वकील बनकर अपने पति को इस अपराध में जेल से रिहा जरूर कराएंगी।