पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी ने शुक्रवार को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नगरोटा स्थित टोल प्लाजा पर हुई सेना की कार्रवाई को कुछ न्यूज चैनलों द्वारा सर्जिकल एयर स्ट्राईक कहना गलत बताया। उन्होंने मामले में सवाल खड़े हुए कहा कि किसके इशारे में ऐसा किया गया, उसकी जांच होनी चाहिए और उसके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करते हुए कड़ी सजा देनी चाहिए।
पूर्व सांसद सिविल लाइंस स्थित अपने आवास पर सेना द्वारा आतंकियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर गर्व जताया। कहा कि सेना के महानिदेशक ने नगरोटा की कार्रवाई को चैनलों द्वारा द्वितीय सर्जिकल एयर स्ट्राइक बताने को फर्जी और झूठी खबर करार दिया। कहा कि जब सेना ऐसा कह रही है तो चैनलों ने किस सोर्स के जरिए यह खबर चलाई यह जांच का विषय है।
उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और चैनलों पर चलाई गई द्वितीय सर्जिकल एयर स्ट्राइक नामक खबर के सूत्र और उसके सूत्राधार का पता लगाने को कहा। जिससे कि हकीकत सामने आ सके और छद्यम युद्ध करने वालों पर कार्रवाई हो सके।
उन्होंने चीन के साथ चल रहे विवाद और भूटान की सीमा में चीन द्वारा दो किलोमीटर के एरिया में किए गए कब्जे के मामले पर भी केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए। कहा कि डोकलाम के निटक चीन भूटान के क्षेत्र को कब्जा कर लिया है। लेकिन केंद्र सरकार ने कुछ नहीं किया है। जबकि समझौते के तहत भूटान की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत के पास है। लेकिन, केंद्र सरकार इन मसलों पर असफल साबित हुई है।