इलाहाबाद। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार पुलिस ने गैस सिलेंडर लदे ट्रकों को दिन में दो घंटे की नो इंट्री में छूट दे ही दी। हालांकि इसके लिए जिला प्रशासन के अफसरों और एलपीजी फेडरेशन के पदाधिकारियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। कार्यवाहक जिलाधिकारी और एसएसपी इलाहाबाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंगलवार को तय हुआ कि गैस सिलेंडर लदे ट्रकों को अपराह्न 2.30 बजे से शाम 4.30 बजे के मध्य नो इंट्री में छूट दी जाएगी।
पुलिस द्वारा दिन के वक्त सिलेंडर लदे ट्रकों पर रक्षा बंधन के बाद नो इंट्री लगा दी गई थी। पुलिस द्वारा सिर्फ रात के समय ही ट्रकों को शहर में प्रवेश करने दिया जा रहा है। इस वजह से जो सिलेंडर लदे ट्रक पूर्व में प्रतिदिन एक या दो बार लोड होते थे वह सिर्फ एक दिन में लोड होने की वजह से रात में नो इंट्री की छूट मिलने के बाद वितरक के गोदाम पहुंच रहे थे। इसके अतिरिक्त विस्फोटक विभाग के प्रावधानों के अंतर्गत गोदाम से वितरण का कार्य केवल सूर्योदय से सूर्यास्त के मध्य ही हो सकता है। ऐसे में नो इंट्री की नई व्यवस्था की वजह से ट्रक तीसरे दिन लोड हो पा रहे थे। इससे रसोई गैस का बैकलॉग बढ़ने लगा जो एक लाख तक हो गया। इलाहाबाद और उसके आसपास के जिलों में समस्या बढ़ी तो जिला प्रशासन की ओर से एसएसपी को पत्र लिखकर सुबह 9 से 11 एवं अपराह्न 2 से 6 छूट दिये जाने की मांग की गई। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद कार्यवाहक जिलाधिकारी, एसएसपी इलाहाबाद जोगिंदर कुमार की अध्यक्षता में डीएम कैंप कार्यालय में बैठक हुई। बैठक में एडीएम सिविल सप्लाई लक्ष्मी शंकर सिंह, एडीएम सिटी विपिन कुमार, एसपी ट्रैफिक निहारिका शर्मा, आईओसी के मुख्य संभागीय प्रबंधक टीडी साबू, आरबी सिंह, एलपी फेडरेशन के पदाधिकारी केपी मिश्र, विवेक गुप्ता, अनिल गुप्ता आदि की मौजूदगी में तय हुआ कि दिन में 2.30 बजे से 4.30 बजे तक नो इंट्री में छूट दी जाएगी। इस दौरान फेडरेशन के पदाधिकारियों ने सुबह के वक्त भी दो घंटे की छूट दिये जाने की मांग की। उनकी इस मांग पर आगे विचार करने को कहा गया।