90 फीसदी तक जला शरीर
परिजनों ने बताया कि मानस के दादा अयोध्या प्रसाद और डीएम उमेश मिश्रा के पिता माता प्रसाद मिश्र भाई थे। रिश्ते में मानस डीएम उमेश मिश्रा का भतीजा लगता था। मानस दो भाइयों में बड़ा था। वह झूंसी स्थित एक शराब के गोदाम में अकाउंटेंट था और उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। वहीं, पिता मदन मिश्र की करीब आठ वर्ष पहले बीमारी से मृत्यु हो गई थी। छोटे भाई का नाम अमन है। डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि आग की चपेट में आकर मानस 90 फीसदी तक जल गया था।
बेटे की मौत से मां का हाल बेहाल
मानस का शव शुक्रवार सुबह लीलापुर कलां पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। मां केतकी रोते-रोते बदहवास हो गईं। वह बार-बार बेटे को याद कर अचेत हो जा रही थीं। गांव की महिलाओं ने उन्हें सांत्वना देकर किसी तरह संभाला। चाचा योगेश मिश्र ने बताया कि मानस होनहार लड़का था। वह अपने काम से मतलब रखता था। शुक्रवार को मानस का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
टेंट में आग लगने की सूचना पर थोड़ी देर में ही इस पर काबू पा लिया गया था। दीपक की लौ से आग लगने की आंशका है। मामले की जांच की जा रही है। - अनिमेष सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, माघ मेला