पिछले दो महीनों में खाद्य तेलों की कीमतों में तेजी ने आम आदमी के घर का बजट बिगाड़ दिया है। सरसों के तेल से लेकर रिफाइंड तक के दाम बढ़ गए हैं। इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
शहर के थोक और फुटकर बाजारों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले 60 दिनों में सरसों के तेल और रिफाइंड की कीमतों में 15 से 20 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फुटकर बाजार में सरसों तेल का दाम दो माह में 160-165 रुपये से बढ़कर 175-180 रुपये किलो हो गया है।
थोक में इसका रेट 2630 रुपये में 15 किलो है जबकि दो माह पहले इसका दाम थोक बाजार में 2500 रुपये था। यही हाल रिफाइंड तेल का भी है। फुटकर में एक लीटर रिफाइंड 155 से 160 रुपये में मिल रहा है। थोक में 15 लीटर रिफाइंड का दाम 2400 है जबकि पिछले माह इसका दाम 2300 रुपये था।
आटा से मिल रही राहत
इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश चंद्र केसरवानी का कहना है कि आने वाले दिनों में दाम कुछ कम होने की संभावना है। फुटकर कारोबारी दीपक केसरवानी ने बताया कि आटा का दाम फुटकर में कुछ कम हुआ है। 50 किलो आटे की बोरी का दाम 1500 से घटकर 1430 रुपये हो गया है। इसी तरह मैदा का दाम भी थोक में 1580 रुपये से घटकर 1450 रुपये हो प्रति 50 किग्रा हो गया है।