राज्यसभा सदस्य एवं भाजपा के फायर ब्रांड नेता ने डा. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा कि अगर मुसलमान ये मान लें कि हमारे पूर्वज हिंदू हैं तो हम एक हो जाएंगे। जब तक वे खुद को मोहम्मद गोरी और मो. गजनवी का वंशज मानेंगे तब तक हम एक नहीं हो सकते। वे मानें कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक चाहे ब्राह्मण हो या फिर दलित, हिंदू हो या मुस्लिम, सभी का डीएनए एक ही है। डा. स्वामी ने यह बातें अरुंधती वशिष्ठ अनुसंधान पीठ की ओर से आयोजित ‘लोक जीवन में भारतीय अस्मिता’ विषयक संगोष्ठी में कहीं।
केपी कम्यूनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डा. स्वामी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए उन्हें काफी लड़ना पड़ रहा है। रामलला जहां पैदा हुए हैं ये बात हर कोई जानता है। हमें विश्वास है कि राममंदिर जरूर बनेगा। क्योंकि भगवान राम खुद चाहते हैं वहां मंदिर का निर्माण हो। मुसलमान सरयू के उस पार मस्जिद बनवा लें। इसमें उनकी हर संभव मदद की जाएगी। हिंदुओं की अयोध्या, काशी और मथुरा में आस्था है, इसलिए यहां विवादित स्थान को मुस्लिम खुद ही छोड़ दें। अयोध्या में राममंदिर के बाद काशी, मथुरा में भी आसानी होगी। स्वामी ने कहा कि भारतीय पुरातत्व विभाग यह पहले ही कह चुका है कि विवादित ढांचे के नीचे मंदिर के अवशेष हैं। ऐसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगर चाहें तो संसद में इसके लिए प्रस्ताव ला सकते हैं। स्वामी ने कहा कि लाल कृष्ण आडवाणी और उमा भारती ने कोई मस्जिद नहीं तोड़ी है। उन्होंने एक पुराना मंदिर तोड़ा है ताकि वहां एक नया मंदिर बन सके।
संगोष्ठी में डा. स्वामी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। कहा कि जब तक कांग्रेस अपना स्वदेशीकरण नहीं करा लेती तब तक उसका भला नहीं होने वाला है। इसके पूर्व राज्यसभा के पूर्व सदस्य डा. महेश चंद्र शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि राष्ट्र को जानने का नजरिया भारत से ही जाना जा सकता है। इस अवसर पर भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के सदस्य कपिल तिवारी ने कहा कि इस देश ने साधारण लोगों की असाधारण प्रतिभा का कभी भी सम्मान नहीं किया है। कार्यक्रम का संचालन अरुंधती पीठ के राष्ट्रीय संयोजक चंद्र प्रकाश ने किया। इस अवसर पर चौधरी राघवेंद्र सिंह, डा. नीरज अग्रवाल, अमित पाठक, डा. सुशील सिन्हा, डा. एसके राय, विहिप के मुकेश जी, डा. कमला सिंह, अर्चना शुक्ला, चिंतामणि सिंह, हरबंश दीक्षित, शिवम द्विवेदी, मृत्युंजय तिवारी आदि मौजूद रहे।
अरुंधती वशिष्ठ अनुसंधान पीठ के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य डा. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अपने भाषण की शुरूआत में कहा कि इलाहाबाद का नाम प्रयाग होना चाहिए। उम्मीद है कि जल्द ही इस प्राचीन शहर का नाम एक बार फिर से प्रयाग हो जाएगा और ये होना भी चाहिए।डा. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि यूपी में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद मुस्लिमों के हौसले बुलंद है। खासतौर से मुस्लिम महिलाओं में अब हौसला आ गया है। तीन तलाक मुद्दें पर अब महिलाएं बोल रही हैं।
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा दिए गए बयान कि देश में मुस्लिम अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं के जवाब में डा. स्वामी ने कहा कि हिंदू भी अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि कब कौन मुसलमान आतंकवादी बन जाए। स्वामी ने कहा कि मोदी की वजह से ही वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में जीत मिली। तब हिंदुत्व की लहर चली थी। ये लहर लगातार चले तो बीजेपी को आने वाले समय में कोई भी पार्टी सरकार बनाने से नहीं रोक सकती।
डा. स्वामी ने चीन और पाकिस्तान को भी आड़े हाथ लिया। कहा कि हम खुद लड़ाई की पहल नहीं करते हैं। चीन ने भारतीय सैनिकों के साथ धक्का मुक्की तो उसे उसी भाषा में हमारे जवानों ने जवाब दिया। इसके बाद लद्दाख में चीनी सैनिकों ने पथराव किया तो उसका जवाब भी भारतीय सैनिकों ने पथराव से दिया। अगर उसने गोली चलाई तो उसका जवाब भी गोली से मिलेगा। ऐसी नौबत नहीं आनी चाहिए। फिलहाल चीन जान गया है कि भारत अपनी एक इंच जमीन भी उसे नहीं सौंपने वाला। डा. स्वामी ने कहा कि 62 की जंग के बाद जब मैं चीन गया तो इस बात की चर्चा थी कि आखिर जंग क्यों हुई। वहां प्रचार किया जा रहा था कि भारत को अंग्रेजों ने बनाया है। उसे अगर एक धक्का मारो तो उसके 20 टुकड़े हो जाएंगे। लेकिन युद्ध में इसका उलटा हुआ। सारे देशवासी एक हो गए। देश की फौज के लिए महिलाओं ने अपने आभूषण तक बेच दिए। इस जज्बे को देखते हुए चीन को बाद में वापस लौट जाना पड़ा।
भारत ने कभी भी लड़ाई की पहल नहीं की है। अगर पाकिस्तान ने इस बार कोई दुस्साहस किया तो उसका अस्तित्व ही पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। पाकिस्तान को भारत ‘बाकिस्तान’ में तब्दील कर देगा। 1972 की जंग में उसके दो टुकड़े किए गए थे। अब चार टुकड़े और कर दिए जाएंगे। भारत युवा देश है। देश की 70 प्रतिशत से ज्यादा की आबादी 35 साल से कम उम्र की है।