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महाकुंभ 2025 : 100 वर्ष से अधिक पुराने कर्जन पुल पर बनेगा संग्रहालय और आर्ट गैलरी

Wed, 30 Nov 2022 09:30 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अब संग्रहालय एवं आर्ट गैलेरी का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। इसके अलावा पुल की क्षमता का भी आंकलन किया जा चुका है। अब इसे महाकुंभ-2025 के प्रस्तावों में भी शामिल कर लिया गया है, जिसे मुख्यमंत्री की मंजूरी मिल गई है।
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Prayagraj News : कर्जन पुल। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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100 वर्ष से भी अधिक पुराने रेलवे के कर्जल पुल पर संग्रहालय बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। इसे कुंभ के प्रस्तावों में भी शामिल किया गया है। इसी के साथ निर्माण की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। साथ ही रेलवे से कर्जन पुल के अलावा आसपास की जमीन भी मांगी गई है। गंगा नदी पर फाफामऊ में बने कर्जन पुल पर आवागमन वर्षों से प्रतिबंधित है। इसके बाद इसे संग्रहालय एवं आर्ट गैलेरी के रूप में विकसित किए जाने का निर्णय लिया गया है। कुंभ-2019 में ही इसकी कवायद शुरू की गई थी, लेकिन समय कम होने की वजह से प्रस्ताव टल गया।

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अब संग्रहालय एवं आर्ट गैलेरी का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। इसके अलावा पुल की क्षमता का भी आंकलन किया जा चुका है। अब इसे महाकुंभ-2025 के प्रस्तावों में भी शामिल कर लिया गया है, जिसे मुख्यमंत्री की मंजूरी मिल गई है। पुल के दोनों किनारों पर टिकट काउंटर के अलावा फूट कोर्ट समेत कई निर्माण कराने की भी योजना है। इसके लिए रेलवे से पुल के अलावा आसपास की जमीन की मांग की गई है। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत का कहना है कि प्रोजेक्ट को लेकर कुछ सुझाव आए हैं। इसके अनुसार विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर काम शुरू किया जाएगा।

पुल की क्षमता का फिर से होगा आंकलन
आईआईटी रुड़की की टीम की ओर से कर्जन पुल की क्षमता का आंकलन किया गया था। इस आधार पर पाया गया था कि पुल पर संग्रहालय का निर्माण कराया जा सकता है, लेकिन गुजरात के मोरबी में हुए  हादसे से सबक लेते हुए हुए कर्जन पुल की क्षमता की एक बार फिर जांच कराई जाएगी।


माघ मेले में संस्थाओं की जमीन में कटौती की तैयारी

माघ मेला में इस बार संस्थाओं की जमीन में कटौती किए जाने की तैयारी है। सलाहकार समिति की बुधवार को हुई बैठक मेें सदस्यों की ओर से यह सुझाव आया। माघ मेला क्षेत्र में अब भी जलभराव एवं दलदल की स्थिति है। इसके अलावा कटान भी समस्या बनी हुई है। इसकी वजह से मेला क्षेत्र का दायरा सिमटने की आशंका है। इसके अलावा कटान की वजह से घाटों पर सर्कुलेटिंग एरिया को भी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसकी वजह से जमीन कम हो जाएगी।

इसकी भरपाई के लिए मेला क्षेत्र के विस्तार का निर्णय लिया गया है। इसके बावजूद जमीन कम पड़ने की आशंका है। इसके अलावा संस्थाएं दूर जाने के लिए भी तैयार नहीं होगी। ऐसे में समिति के सदस्यों ने संस्थाओं की जमीन में कटौती की बात कही। उनका यह भी कहना था कि कटौती समान अनुपात में ही की जाए। सदस्यों ने यह भी कहा कि संस्थाओं का विस्थापन भी क्रमवार किया जाए।


बैठक में मौजूद संतों ने शौचालयों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। इस पर अध्यक्षता कर रहे मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। संतों ने हरिश्चंद्र मार्ग पर अतिरिक्त पांटून पुल बनाने का प्रस्ताव रखा। इस पर मंडलायुक्त ने पुल की उपयोगिता का आंकलन कराने का निर्देश दिया।


बैठक में मेला क्षेत्र में लगाए जाने वाले आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सा केंद्रों की ओर से अपेक्षित कार्य ना किए जाने की शिकायत भी सामने आई। बैठक में गंगा में शुद्ध जल की धारा निरंतर बनाए रखने, सफाई, बिजली, जलापूर्ति आदि व्यवस्था पर भी चर्चा हुई तथा जरूरी निर्देश दिए गए। बैठक में मेलाधिकारी अरविंद चौहान समेत अनेक अफसर मौजूद रहे।
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मेला क्षेत्र में लगाए जाएं सिर्फ धार्मिक विज्ञापन
सलाहकार समिति की बैठक में मेला क्षेत्र में सिर्फ धार्मिक विज्ञापनों को लगाने की बात भी उठी। इस पर मंडलायुक्त ने आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने मेला क्षेत्र में मांस, मदिरा आदि का सेवन प्रतिबंधित करने के भी निर्देश दिए।


385 बीघे में बसेगा खाक चौक
सलाहकार समिति की बैठक में महामंडलेश्वर संतोषदास सतुआबाबा, महामंडलेश्वर हिटलर बाबा ने 385 बीघे में खाक चौक को बसाने की बात कही। उन्होंने महावीर रोड से त्रिवेणी के बीच खाक चौक को बसाने की बात कही।
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