धूमनगंज में घटना के बाद छानबीन करने पहुंची पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
एक साथ तीन मौतों की खबर पर फोरेंसिक टीम के साथ डीसीपी दीपक भूकर व कुछ देर बाद एडि. सीपी एन कोलांची भी आ गए। वीडियो रिकॉर्डिंग के बीच दरवाजा तोड़कर पुलिस भीतर दाखिल हुई। जमीन पर मृत पड़ी दोनों बेटियों को चाकू से गोदकर बेरहमी से मारा गया था।
फंदे पर लटके मनीष के हाथ खून से सने थे और इससे साफ हो गया कि उसने ही बेटियों की हत्या की और फिर फंदे पर लटककर जान दे दी। पुलिस को मौके पर ही चाकू पड़ा मिला और जांच पड़ताल के बाद तीनों शव मर्चरी भेजवा दिए गए।
घटना के बाद मौके पर छानबीन करने पहुंची पुलिस।
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नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
पुलिस ने कमरे की तलाशी भी ली लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। हालांकि पत्नी ने पूछताछ में यह बताया कि सुबह उसने मनीष को कागज पर कुछ लिखते हुए देखा था। उसने फिलहाल किसी झगड़े या विवाद की बात से इंकार किया। हालांकि मौका मुआयना व प्रारंभिक जांच पड़ताल के बाद आशंका यही है कि घरेलू कलह में ही मनीष ने इस घटना को अंजाम दिया।
दरवाजा भीतर से बंद था। परिस्थितिजन्य साक्ष्य से साफ है कि दोनों बेटियों की हत्या करने के बाद पिता फांसी पर लटक गया। वजह क्या रही, इसका जवाब विस्तृत जांच पड़ताल व परिजनों से पूछताछ के बाद ही मिल सकेगा। - एन कोलांची, एडि.सीपी प्रयागराज