इन विवादों के बीच पार्टी के किसी बड़ी नेता की ओर से यहां जनसभा या रैली का आयोजन नहीं किया गया। इसका नतीजा रहा कि चुनाव में पार्टी को बड़ा झटका लगा है। 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पास एक सीट थी लेकिन पिछले दो चुनाव से पार्टी का हाथ खाली है। 2022 के चुनाव में तो शहर उत्तरी से पार्टी उम्मीदवार अनुग्रह नारायण सिंह तीसरे स्थान पर रहे। अब नगर निगम चुनाव में भी पार्टी की दावेदारी कमजोर होती दिख रही है।
पिछले चुनाव में कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी विजय मिश्रा को 64579 मिले थे। वहीं इस बार मात्र 40486 वोट मिले हैं। मत प्रतिशत के लिहाज देखें तो पिछले चुनाव में 19.82 फीसदी वोट मिला था। वहीं इस बार मात्र 8.18 प्रतिशत वोट मिले हैं। पार्षदी के चुनाव में भी पार्टी काफी पीछे रह गई। पिछले चुनाव में पार्टी के 11 पार्षद चुने गए थे लेकिन इस बार चार ही निर्वाचित हुए। इतना ही नहीं महापौर समेत ज्यादातर वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी जमानत ही नहीं बचा पाए हैं।
राजकुमार को मात्र 71 वोट
अतीक अहमद के लिए भारत रत्न देने की मांग करने तथा कब्र पर तिरंगा ओढ़ाने वाले आजाद स्क्वायर वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार सिंह को मात्र 71 वोट मिले हैं। हालांकि, इस हरकत के बाद पार्टी ने राजकुमार को निष्कासित कर दिया था।