फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj News: नगर निगम लेगा पुराने कपड़े, किताब और कॉपी

विज्ञापन
विज्ञापन
शहरी पुराने कपड़े, जूता, चप्पल, किताब-कॉपी व अन्य उपयोगी वस्तुएं नगर निगम को दे सकते हैं। नगर निगम इन्हें जरूरतमंदों में वितरित करेगा। इसके लिए निगम की ओर से आठ स्थानों पर स्थायी आरआरआर (रीड्यूस, रीयूज, रीसाइकिल) सेंटर खोले गए हैं। इनमें से पांच सक्रिय हैं।
विज्ञापन

नगर निगम की ओर से नेकी की दीवार योजना शुरू की गई थी। इसके तहत शहर में जगह-जगह अस्थायी आरआरआर सेंटर बनाए गए थे। वहां पर लोग पुराने सामान दे सकते थे लेकिन ज्यादातर सेंटर कुछ दिनों बाद ही बंद हो गए।
हालांकि, अब स्थायी आरआरआर सेंटर बनाए जा रहे हैं। सिविल लाइंस, मेडिकल कॉलेज, झूंसी पुलिस चौकी समेत आठ स्थानों पर आरआरआर सेंटर बन भी गए हैं। इनमें से पांच चालू हो गए हैं। अन्य तीन के भी 10 से 15 दिनों में चालू होने की बात कही जा रही है। अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव का कहना है कि लोग इन सेंटरों में पुराने सामान जमा कर सकते हैं।
विज्ञापन

हर महीने 500 किग्रा पुराने कपड़े, 100 किग्रा किताबें आ रहीं
- अपर नगर आयुक्त ने बताया कि अभी महीने में औसतन 500 किग्रा पुराने कपड़े व अन्य सामान आ रहे हैं। इसके अलावा 100 किग्रा काॅपी-किताबें आ रही हैं। महीने में 10 से 12 इलेक्ट्रॉनिक सामान भी लोग डाल जाते हैं। ये सारे सामान जरूरतमंदों में वितरित किए जाते हैं। वहीं, संस्था की मदद से कॉपी-किताबें सरकारी विद्यालयों को दे दी जाती हैं। इसी तरह से शेष बचे सामानों से दूसरे उत्पाद बनाए जाते हैं।
पुराने कपड़े से बनाए जाते हैं थैले
- जरूरतमंदों को वितरित करने के बाद शेष बचे व अनुपयोगी कपड़ों से थैले बनाए जाते हैं। इन्हें महिला स्वयं सहायता समूहों को दे दिया जाता है। निगम की ओर से थैला वितरण के लिए 10 स्थानों पर वेंडिंग मशीनें भी लगाई गई हैं। इनके संचालन की जिम्मेदारी भी महिला समूह के पास है। वहां से 10 व 20 रुपये में थैले प्राप्त किए जा सकते हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें