इस हमले में मुख्तार के अंगरक्षक रामचंद्र समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। तब मुख्तार को भी गोली लगने की बात आई थी। इस मामले में बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह और उनके साथियों को नामजद किया गया था। इस मामले में गवाही चल रही है। इससे पहले बृजेश को ट्रायल कोर्ट से इस मामले में राहत मिल चुकी है।
बृजेश को इस मामले में बरी किया जा चुका है। मामले में मुख्तार की गवाही होनी थी। इसी मामले को लेकर जेल में बंद मुख्तार ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। मुख्तार ने वकील के जरिये कहा था कि इस मामले को यूपी से अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए, ताकि इस मामले में न्याय हो सके। यूपी में निष्पक्ष सुनवाई की उसे उम्मीद नहीं है।