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प्रयागराज : निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर करा सकेंगे सरकारी रेट पर एमआरआई, प्रशासन ने लिया निर्णय

Fri, 09 Dec 2022 12:03 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सरकार की ओर से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए लगातार सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। इसे देखते हुए तेज बहादुर सप्रू (बेली) अस्पताल में एडवांस एमआरआई मशीन लगाई गई थी।
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mri - फोटो : mri
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विस्तार
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तेज बहादुर सप्रू अस्पताल में लंबे समय से खराब चल रही एमआरआई मशीन की वजह से मरीजों को भारी मुसीबत उठानी पड़ रही है। ऐसे में मरीजों को महंगे खर्च पर निजी डायग्नोस्टिक सेंटर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने शहर के चार डायग्नोस्टिक सेंटरों को चिन्हित किया है। यहां पर मरीज सरकारी शुल्क पर अपना एमआरआई करा सकते हैं।

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सरकार की ओर से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए लगातार सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। इसे देखते हुए तेज बहादुर सप्रू (बेली) अस्पताल में एडवांस एमआरआई मशीन लगाई गई थी। अस्पताल में एमआरआई के लिए सरकार की ओर से 2,500 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया था। वहीं निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर इसका शुल्क 12 से 14 हजार रुपये हैं। 

ऐसे में बेली अस्पताल में एमआरआई की सुविधा शुरू होने से मरीजों को काफी राहत थी, लेकिन बीते एक महीने से अधिक समय से अस्पताल की एमआरआई मशीन खराब पड़ी है। इससे मरीजों को कई महीने का समय दिया जा रहा है। सीएमओ और जिलाधिकारी ने इस बारे में एमआरआई मशीन लगाने वाली कंपनी से भी बात की थी। कंपनी ने भरोसा दिलाया था कि तीन दिन में मशीन को ठीक करा दिया जाएगा। हालांकि ऐसा हुआ नहीं, इसे देखते हुए अब शहर के चार निजी डायग्नोस्टिक सेंटर कृति स्कैनिंग सेंटर, यूनाइटेड 
डायग्नोस्टिक रिसर्च , चंद्रा स्कैन प्राइवेट लिमिटेड और इंदू स्कैनिंग सेंटर, बालसन चौराहा शामिल है। इन सभी डायग्नोस्टिक सेंटर पर मरीज सरकार की ओर से निर्धारित शुल्क पर अपना एमआरआई करा सकते हैं।
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अस्पताल से कराना होगा सत्यापित
प्रशासन की ओर से चयनित चार निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों पर एमआरआई कराने के लिए बेली अस्तपाल में पर्चा बनवाना पड़ेगा। अस्पताल की सीएमएस डॉ. शारदा चौधरी के मुताबिक अस्पताल से पर्चा बनवाने के बाद वहां डॉक्टर से सलाह लेनी होगी। इसके बाद डॉक्टर, पर्ची पर एमआरआई कराने का सुझाव देगा। पर्ची पर अस्पताल की मुहर लगेगी और चयनित चारों डायग्नोस्टिक सेंटर में से किसी एक सेंटर के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से लिखा जाएगा। वहां जाकर मरीज अपना सरकारी शुल्क पर एमआरआई करा सकेंगे।
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