राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक यानी एलटी ग्रेड शिक्षक को 64500 रुपये और प्रवक्ता को 67500 रुपये वेतन मिलता है। वेतन नियुक्ति की तिथि से मिलता है। वर्षों तक परीक्षा की तैयारी करने के बाद बेरोजगार अभ्यर्थियों का चयन तो हो गया, लेकिन नियुक्ति न मिल पाने के कारण जेब अब भी खाली है।
प्रतिदिन के हिसाब से एलटी ग्रेड शिक्षक के पद पर चयनित अभ्यर्थियों को 2150 रुपये और प्रवक्ता पद के चयनित अभ्यर्थियों को 2250 रुपये का नुकसान हो रहा है। चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर काउंसलिंग के तुरंत बाद उन्हें नियुक्ति मिल गई होती तो यह नुकसान नहीं उठाना पड़ता। प्रत्येक अभ्यर्थी को तकरीबन एक-एक लाख रुपये की चपत लग चुकी है।
प्रतियोगी छात्र मोर्चा के संयोजक अनिल उपाध्याय और अध्यक्ष विक्की खान का आरोप है कि शासन इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। नियुक्ति में विलंब के कारण अभ्यर्थियों को हो रहे नुकसान की कोई भरपाई भी नहीं हो पाएगी। उन्होंने शासन से मांग की है कि चयनित अभ्यर्थियों को आवंटित विद्यालयों में नियुक्ति शीघ्र प्रदान की जाए।