भूमि के लेन-देन के मामले में सिविल लाइंस थाने में दर्ज मुकदमे में सपा केपूर्व विधायक सईद अहमद की जमानत अर्जी जिला न्यायालय की विशेष कोर्ट एमपीएमएलए ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति का है और आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में नहीं है। लिहाजा, उसकी जमानत अर्जी को खारिज किया जाता है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश एमपीएमएलए डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला ने सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील वैश्य को सुनकर दिया है।
याची (पूर्व विधायक) के खिलाफ पांच साल पहले आईपीसी की धारा 420 और 406 केतहत एफआईआर दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि याची ने वादी व उनके परिवार केसदस्यों से रुपये चुकाने की शर्त पर उधार लिया गया था। 2008 में 1250 वर्ग गज भूमि का सौदा हुआ, जिसके लिए वादी मुकदमा से 80 लाख रुपये की मांग की गई। वादी द्वारा समय-समय पर विभिन्न चेकों के माध्यम से भुगतान किया गया।
जबकि, वास्तविकता यह है कि वादी ने यह धनराशि उधार में उसे दिया था तथा इसके संबंध में कोई अनुबंध नहीं किया था। आरटीजीएस के माध्यम से दस लाख रुपये वापस भी करा ले लिया। वादी की ओर से कोई अपराध नहीं किया गया। वाद सिविल प्रकृति का है। वादी के खिलाफ और कोई मुकदमा नहीं है। लिहाजा, उसे जमानत पर बरी किया जाए। लेकिन अदालत ने याची के तर्कों को स्वीकार नहीं किया और उसकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।