संगम क्षेत्र में गंगा और यमुना नदी में मोटरबोट तथा बजरा संचालन की योजना प्रस्तावों तक ही सिमटकर रह गई है। इसके लिए जेटी ही तैयार नहीं हो पाई है। इतना ही नहीं, रात में बजरा चलाने की योजना भी अफसरों की सुस्त चाल में फंस गई है। महाकुंभ-2025 के बाद संगम क्षेत्र बड़े पर्यटन स्थल के रूप में सामने आया है। इसका नतीजा है कि संगम स्नान, बड़े हनुमान एवं अक्षयवट दर्शन के लिए रोजाना हजारों श्रद्धालु एवं पर्यटक आ रहे हैं, इसलिए वहां पूरे साल जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्णय लिया गया है।
इसी क्रम में गोल्फ कॉर्ट, मोटरबोट आदि सुविधाएं देने की भी योजना बनाई गई। इनमें से गोल्फ कॉर्ट के लिए तो टेंडर हो गया है लेकिन मोटरबोट एवं बजरा संचालन की फाइल आगे नहीं बढ़ पाई। अफसरों का कहना है कि गंगा में पर्याप्त पानी ही नहीं है, इसलिए जेटी तैयार नहीं की गई। कुछ समय बाद बारिश हो जाएगी और पूरा संगम क्षेत्र डूब जाएगा। ऐसे में उस दौरान भी सभी तरह की सुविधाएं हटा ली जाएंगी। यानि, अब आगामी माघ मेला से पहले यह सुविधाएं बहाल हो पाएंगी।