मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में बुलाकर एमबीबीएस दाखिले के नाम पर 17 लाख की ठगी के आरोपियों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी गई है। मामले में नोएडा के गिरोह का हाथ होने के खुलासे के बाद पुलिस ने फरार सरगना सचिन सिंह की तलाश तो शुरू कर ही दी है। जेल में बंद गिरोह के चार सदस्यों का रिमांड बनवाने की भी तैयारी में है। सब कुछ ठीक रहा तो इसके लिए कोर्ट में जल्द अर्जी दी जा सकती है।
एमबीबीएस दाखिले के नाम पर 17 लाख की ठगी में नोएडा के जिस गिरोह का नाम सामने आया है, उसके चार सदस्य जेल में बंद हैं। इसके अलावा सरगना अब तक नहीं पकड़ा जा सका है। इस गिरोह पर प्रयागराज के अलावा नोएडा में चार और बरेली में भी एमबीबीएस दाखिले के नाम पर लाखों की ठगी का मामला दर्ज है। नोएडा पुलिस ने मार्च में इसके दो सदस्यों को जेल भेजा था जबकि दो पहले ही सरेंडर कर जेल चले गए थे। मामले में किस गिरोह का हाथ है, इसका भले ही खुलासा हो गया हो लेकिन प्रयागराज में दर्ज मामले की जांच में जुटी पुलिस को अब भी कई सवालों के जवाब ढूंढ़ने हैं। इनमें से सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर मेडिकल कॉलेज के वह कौन से कर्मचारी हैं, जो ठग गिरोह से मिले हुए थे और इस पूरे खेल में शामिल थे।
पुलिस अफसरों का कहना है कि फिलहाल इसका पता तभी चल सकता है जब सरगना सचिन पकड़ा जाए। यही नहीं, लंबे समय से फरार सचिन के बारे में उसके गिरोह के सदस्य ही सटीक जानकारी दे सकते हैं और यह तभी संभव होगा जब उनसे पूछताछ हो। ऐसे में पुलिस जेल में बंद गिरोह केसदस्यों का रिमांड बनवाने की तैयारी में है। इसके लिए जल्द ही कोर्ट में अर्जी दी जा सकती है। प्रकरण की जांच टीम का नेतृत्व कर रहे सीओ कोतवाली सत्येंद्र प्रसाद तिवारी ने बताया कि चारों आरोपियों का रिमांड बनवाकर वारंट कोर्ट में तामीला कराया जाएगा। इसके बाद कोर्ट की अनुमति पर उन्हें कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
वादी को भी बुलाया गया
जांच में जुटी पुलिस ने मुकदमा वादी को भी बुलाया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वादी को बुलाया गया है ताकि इस बात की जानकारी की जा सके कि मेडिकल कॉलेज के किस विभाग और कक्ष में फर्जी काउंसलिंग कराई गई। जानकारी मिलने के बाद संबंधितों से पूछताछ की जाएगी। गौरतलब है कि नोएडा में गिरफ्तारी के दौरान गिरोह केसदस्यों ने इस बात का ख्ुालासा किया था कि फर्जीवाड़े केइस खेल में मेडिकल कॉलेज के कुछ कर्मचारी भी शामिल थे।