घटना की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। मृतका सविता को तीन बेटियां संजना (16), रंजना (12), राधा (10) और दो बेटे अनूप (8) हैं। मृतक अनुपम परिवार का सबसे छोटा बेटा था और घर का बेहद लाड़ला था।
परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर बताई जा रही है। मृतका का पति संदीप प्रजापति भिवंडी में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है, जबकि परिवार के अन्य सदस्य भी रोजगार के लिए बाहर रहते हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर सहायक पुलिस आयुक्त विवेक यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। वहीं उपजिलाधिकारी फूलपुर अविनाश यादव ने पीड़ित परिवार को शासन स्तर से मिलने वाली आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
बीमार बेटे को बचाने निकली मां, रास्ते में दोनों को लील गई मौत
बीमार बेटे को दवा दिलाकर लौट रही मां को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि घर पहुंचने से पहले ही जिंदगी उनका साथ छोड़ देगी। तेज आंधी के बीच अचानक गिरी दीवार ने मां और मासूम बेटे दोनों की सांसें छीन लीं। हादसे के बाद गांव में हर आंख नम है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।