Mother and daughters tried to self-immolate at the fair office
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प्रयागराज। दुकानों की नीलामी में गड़बड़ी से नाराज एक ही परिवार की मां-बेटियों समेत तीन महिलाओं ने मंगलवार की शाम प्रयागराज मेला प्राधिकरण के कैंप कार्यालय के सामने आत्मदाह का प्रयास किया। महिलाओं ने कैंप कार्यालय परिसर में मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगाने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद लोगों और पुलिस कर्मियों की तत्परता से उन्हें बचाकर महावीर थाने ले जाया गया। मेलाधिकारी रजनीश कुमार मिश्र ने बताया कि दो आवंटियों के बीच का विवाद है। दोनों पक्षों को बुधवार को बुलाया गया है, ताकि प्रकरण को सुलझाया जा सके।
शाम करीब 5:30 बजे कन्हैया चौरसिया की पत्नी व उनकी दो पुत्रिया बिंदू व रानी मेला शिविर कार्यालय पहुंचीं। इन महिलाओं ने खुद पर मिट्टी का तेल उड़ेलकर आग लगाने की कोशिश की। पता चला है कि आशा देवी के नाम से लोटा पीतल की दुकान का 12 महीने के लिए 5.90 लाख रुपये में आवंटन हुआ था। उसी दुकान के सामने हलवाई की दुकान को लोटा पीतल में परिवर्तित करते हुए माघ मेला में महीने भर के लिए एक लाख में आवंटित कर दिया गया। इस वजह से आशा देवी की ओर से मेला प्रशासन पर महीने भर के लिए आवंटित दुकान निरस्त कराने का दबाव बनाया जा रहा था। दुकान निरस्त होने की भनक मिलने पर इन महिलाओं ने आत्मदाह की कोशिश की।