25 प्रतिशत भूमि बढ़ाकर देने की मांग
कहा जा रहा है कि पिछले पांच वर्षों में जहां नए महंतों, महामंडलेश्वरों और खालसों की संख्या बढ़ गई है, वहीं भूमि कम हो जाने से बसावट को लेकर बड़ा संकट पैदा होने की आशंका है। जूना अखाड़े में ही तीन सौ से अधिक महामंडलेश्वर और महंतों का पट्टाभिषेक होने वाला है। इसी तरह सभी अखाड़ों में महंतों, महामंडलेश्वरों और खालसों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे नए महामंडलेश्वरों और महंतों के आवेदन भी अखाड़ों में आ रहे हैं। ऐसे में भूमि सुविधाओं में वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। जब तक 25 प्रतिशत भूमि बढ़ाकर नहीं दी जाएगी, तब तक मेले में अखाड़ों के प्रतिनिधि भूमि आवंटन के लिए कदम नहीं रखेंगे।
भूमि कम होने के बाद सभी अखाड़ों में नाराजगी है। सवाल है कि जब पिछले कुंभ की तुलना में इस बार मेले का विस्तार किया गया है। भूमि का रकबा भी बढ़ाया गया है, तब अखाड़ों की भूमि कैसे कम पड़ रही है। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुद नजर रखनी चाहिए। - महंत दुर्गा दास, प्रवक्ता- अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद।