कोरोना संक्रमण का खौफ अब रेल यात्रा पर भी दिखने लगा है। पिछले एक सप्ताह के दौरान प्रयागराज जंक्शन, प्रयाग जंक्शन एवं प्रयागराज संगम से गुजरने वाली ट्रेनों में छह हजार से ज्यादा आरक्षित टिकट यात्री निरस्त करा चुके हैं। अनारक्षित टिकट निरस्त होने की भी संख्या भी कम नहीं है।
कोरोना के फैल रहे संक्रमण की वजह से प्रयागराज से विभिन्न स्थानों की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या में भी गिरावट आई है। प्रयागराज एक्सप्रेस को छोड़ दिया जाए तो वंदे भारत, दिल्ली हमसफर आदि ट्रेनों में मंगलवार 17 मार्च को ही काफी सीटें उपलब्ध हैं। रीवा एक्सप्रेस में भी चार दिन बाद कंफर्म बर्थ यात्रियों को उपलब्ध है। जबकि, अमूमन इन ट्रेनों में ऐसा होता नहीं है। जिन लोगों ने पहले से दिल्ली एवं अन्य स्थानों के लिए अपने रिजर्वेशन करवा रखे हैं, उन्होंने उसे निरस्त करवाना भी शुरू कर दिया है।
इसी वजह से बीते एक सप्ताह के दौरान प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज रामबाग, प्रयागराज संगम, नैनी, प्रयागराज छिवकी एवं प्रयाग जंक्शन से छह हजार से ज्यादा आरक्षित टिकट निरस्त हो चुके हैं। सिर्फ प्रयागराज जंक्शन की ही बात करें तो नौ मार्च से 15 अप्रैल की अवधि में 2800 आरक्षित टिकट निरस्त हुए। इसमें सर्वाधिक 617 टिकट शनिवार 14 मार्च को निरस्त हुए। सप्ताह भर में कुल 21.34 लाख का रिफंड भी रेलवे ने यात्रियों को दिया। शहर अन्य स्टेशनों से भी रिफंड के रूप में तकरीबन 24 लाख रुपये रेलवे ने चुकाए।
उधर आईआरसीटीसी की वेबसाइट से निरस्त होने वाले टिकट की संख्या भी एक अनुमान के मुताबिक तकरीबन आठ हजार रही। इसके अलावा जनरल श्रेणी के भी तीन हजार से ज्यादा टिकट बीते एक सप्ताह के दौरान शहर के तमाम स्टेशनों से निरस्त हुए। जंक्शन से ही रिफंड के रूप में 1.32 लाख रेलवे ने यात्रियों को दिए।