हरिद्वार में अर्द्ध कुंभ और उज्जैन में कुंभ भले ही आयोजित होने वाला हो लेकिन संगम का मोह साधु संतों, श्रद्धालुओं कल्पवासियों को अधिक है। माघ मेले में अरसे से आने वाले संतों, कल्पवासियों का आना तय ही है। इस बार कल्पवासियों की तादात में पांच फीसदी का इजाफा होने जा रहा है। कल्पवासियों की बढ़ी संख्या से तीर्थ पुरोहितों के शिविरों में चहल-पहल बढ़ गई है।
इस बार माघ मेला की शुरूआत मकर संक्रांति सेे होने से अभी पूरे कल्पवासी संगम क्षेत्र नहीं पहुंचे हैं। अधिकतर कल्पवासी तीर्थपुरोहितों के शिविरों में रहकर अनुष्ठान पूजन करता है। पौष पूर्णिमा से कल्पवास का संकल्प लेने वाले श्रद्धालुओं का मेला पहुंचने का क्रम जारी है। प्रयाग धर्म संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल कहते हैं कि कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में पांच फीसदी का इजाफा हुआ है।
बीते साल की अपेक्षा अधिक यजमानों के आने से तीर्थपुरोहितों में उत्साह है। सभी ने यजमानों के लिए बेहतर इंतजाम किए हैं। कहा मेला क्षेत्र में 675 बीघा जमीन तीर्थपुरोहितों को आवंटित की गई है। शिविर लगाने का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। पौष पूर्णिमा रविवार को श्रद्धालु विधिविधान से कल्पवास का संकल्प लेंगे। तीर्थपुरोहित अनूप त्रिपाठी ने कहा कि साल दर साल कल्पवास करने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। त्रिवेणी तट पर मास पर्यंत रहने की ललक सुखद है।