बंदरों के एक झुंड ने बुधवार को छिवकी स्टेशन के पास खूब उत्पात मचाया। कई बंदर दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग के खंभे पर चढ़ गए। इस आपाधापी में ओएचई (ओवर हेड इलेक्ट्रिकल) में खराबी आ गई। इसका असर संबंधित रूट पर चलने वाली ट्रेनों पर पड़ा। शाम 4.50 बजे के आसपास इस रूट की डाउन लाइन पर रेल संचालन बाधित हो गया। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद ही ओएचई दुरुस्त की जा सकी। उधर उत्पात मचाने के दौरान एक बंदर ओएचई की चपेट में आने से झुलस भी गया।
इलाहाबाद छिवकी स्टेशन पर आए दिन बंदर उत्पात मचाते हैं। बुधवार को काफी संख्या में बंदर इलाहाबाद छिवकी-करछना के मध्य किलोमीटर संख्या 817/14 के पास खंभे पर चढ़ गए। बंदरों की वजह से यहां डाउन लाइन के ओएचई में खराबी आ गई। इस दौरान करंट की चपेट में आने से एक बंदर झुलस गया। इसके बाद काफी देर तक बंदर रेलवे ट्रैक पर ही जमे रहे। उधर ओएचई में आई खराबी की सूचना छिवकी के एएसएम ने कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलते ही रेलवे ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेजा, शंकरगढ़ और सूबेदारगंज से पावर वैगन ओएचई मरम्मत के लिए भेज दी।
मरम्मत के दौरान डाउन लाइन के साथ अप लाइन पर भी शाम 6.35 बजे रेल संचालन रोक दिया गया। इस दौरान इलाहाबाद जंक्शन पर कई ट्रेनें रोक ली गई। कुछ ट्रेनों को सूबेदारगंज एवं अन्य स्टेशनों पर रोका गया। शाम 7.37 बजे दोनों रेल लाइन ट्रेन संचालन के लिए खोल दी गई। इस दौरान इलाहाबाद जंक्शन पर नंदन कानन एक्सप्रेस, रांची संपर्क क्रांति, सीमांचल एक्सप्रेस, काशी एक्सप्रेस, नार्थ ईस्ट को रोका गया। उधर सूबेदारगंज में कालका मेल भी रोकी गई। इसके अलावा मुरी एक्सप्रेस, पटना-मुंबई सुविधा एक्सप्रेस, पाटलिपुत्र-एलटीटी एक्सप्रेस भी स्टेशनों पर रोकी गई। ट्रेनों के काफी देर तक खड़े किए जाने से यात्रियों को खासी परेशानी हुई। हालांकि ढाई घंटे में रेल संचालन सामान्य हो जाने के बाद अफसरों ने भी राहत भरी सांस ली।
‘बंदरों की वजह से ओएचई में खामी आई। यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए सूचना मिलते ही रेलवे ने मौके पर तीन पावर वैगन मरम्मत के लिए भेज दिए। ओएचई दुरुस्त करने का काम कर्मचारियों ने निर्धारित समयावधि के पहले कर लिया। ’
00 गौरव कृष्ण बंसल, सीपीआरओ, एनसीआर।